कासगंज। कासगंज-एटा मार्ग पर नदरई का रेलवे अंडरपास इन दिनों राहगीरों के लिए सुविधा का नहीं बल्कि परेशानी का वाहक बना हुआ है। इस संकरे अंडरपास से वाहनों का निकलना बेहद मुश्किल भरा हो गया है। कम ऊंचाई के वाहन ही इस अंडरपास से निकल पाते हैं। बस और किसी ट्रक जैसे वाहन भी अंडरपास में फंस जाते हैं। रविवार को हुई बारिश के कारण अंडरपास में पानी भर गया। नतीजा सोमवार को पूरे दिन दो पहिया वाहनों और अन्य वाहनों के फंसने का सिलसिला जारी रहा। बार-बार जाम के हालात बनते रहे। तमाम वाहन चालकों के द्वारा अन्य मार्गों सहारा लिया गया। वहीं, स्कूल के वाहनों के जाम में फंसने से छात्र-छात्राओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस वजह से उन्हें सुबह स्कूल व छुट्टी के बाद घर पहुंचने में देरी हुई। अंडरपास की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। रेलवे के द्वारा इस अंडरपास का पुन: निर्माण किया जाना है। कई वर्षों तक रेलवे ने अंडरपास के प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं किया। कुछ दिन पूर्व ही निर्माणदायी संस्था ने प्रोजेक्ट के लिए काम शुरू कर दिया है, हालांकि इसे पूरा होने में समय लगेगा। लोगों का कहना है कि तब तक यह अंडरपास कासगंज-एटा मार्ग के ट्रैफिक के लिए मुसीबत बना रहेगा। अंडरपास में भरे पानी की निकासी के लिए रेलवे और प्रशासन दोनों ने अब किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की। अंडरपास में बारिश का पानी भरने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ज्यादा पानी भर जाने पर बड़े चार पहिया वाहन भी फंस जाते हैं। सोमवार को सुबह से ही नदरई अंडरपास पर वाहनों के फंसने का सिलसिला जारी था। इसके चलते कासगंज और एटा की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। एटा रोड पर संचालित होने वाले स्कूल के वाहन भी जाम में फंसे रहे। छात्र-छात्राओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके चलते उन्हें सुबह स्कूल व छुट्टी के बाद घर आने-जाने में देरी हुई।