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बजरंग नगर में मेयर ने किया निरीक्षण

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आगरा। जलभराव की समस्या के समाधान के लिए बृहस्पतिवार दोपहर को सिकंदरा के बजरंग नगर पहुंचे मेयर नवीन जैन ने कहा कि हाईवे के अधूरे पड़े नाले का निर्माण अब नगर निगम कराएगा। इससे बजरंग नगर ही नहीं, 20 कॉलोनियों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी। मेयर ने यह घोषणा तब की जब एनएचएआई के अधिकारियों ने नाले के निर्माण को पूरा कराने से इनकार कर दिया।
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मेयर ने नाले के निरीक्षण के दौरान हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों और सिटी मजिस्ट्रेट अरुण को मौके पर बुला लिया था। बजरंग नगर में जलभराव की समस्या को देखने के बाद मेयर ने कामायनी हॅास्पिटल के पास अधूरे पड़े नाले का निरीक्षण किया। मेयर ने एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर भूपेंद्र सिंह, हाईवे इंजीनियर लोकेश शर्मा, निर्माण कार्य कर रही एजेंसी रिलायंस के प्रोजेक्ट मैनेजर वीरेंद्र सिंह, नगर निगम के अधिशासी अभियंता आरके सिंह के साथ बात कर समस्या के निदान के लिए पूछा।
इंजीनियर पहले बोले मजार से काम रुका... फिर बोले फंड नहीं है
मेयर के सवाल पर हाईवे अथॉरिटी के इंजीनियरों ने कहा कि मजार के कारण नाले का काम रुक गया था। इस पर मेयर ने मजार समिति के प्रतिनिधि को बुला लिया। उन्होंने नाला निर्माण पर सहमति जताई। इसके बाद हाईवे के अधिकारी फंड न होने की बात करने लगे। इस पर मेयर ने कहा कि नगर निगम नाला बनवाएगा। डीएम इस बारे में एनएचएआई को एनओसी जारी करेंगे।
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हमें तो काम से मतलब है, कोई भी कराए
मेयर ने बताया कि नगर निगम के अधिकारी बजरंग नगर क्षेत्र के पास बनी पुलिया और मजार के पास अधूरे पड़े नाले का निरीक्षण करेंगे और जहां से बेहतर जल निकासी होगी उसी तरफ नाले का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने नाले के निर्माण की घोषणा पर मेयर नवीन जैन का फूल मालाओं से स्वागत किया। लोगों ने कहा कि उन्हें काम से मतलब है, कोई भी कराए। इस दौरान निगम के सहायक अभियंता एमके जैन, अवर अभियंता विजय गोयल, भाजपा कैलाश मंडल के अध्यक्ष राम कुमार जादौन, सोनू बघेल, क्षेत्रीय पार्षद वीनू सिकरवार, अजय चौधरी, राजेश चौधरी, दीवान सिंह चंदेल, कल्पना धाकरे, वीके तिवारी आदि मौजूद रहे।
दस साल से जलभराव से जूझ रहे 20 कॉलोनियों के लोग
जलभराव के कारण 10 साल से यहां के लोग परेशान हैं। सात साल पहले जब हाईवे के चौड़ीकरण की योजना शुरू हुई तो लोगों को उम्मीद बंधी कि नेशनल हाईवे के किनारे नाले के निर्माण के चलते उसमें उनकी नालियां जोड़ दी जाएंगी, लेकिन हाईवे अथॉरिटी ने नाले की कनेक्टिविटी ही नहीं की। इन कॉलोनियों में बजरंग नगर, नीरव निकुंज, हरदीप एन्क्लेव, लक्ष्मी नगर, राधा नगर, बघेल मार्केट के पीछे, गणपति धाम, केके नगर, फ्रेंड्स गार्डन और हाईवे किनारे की अन्य छोटी कॉलोनियां हैं। बारिश के दौरान हाईवे पर कामायनी हॉस्पिटल से लेकर केके नगर मोड़ तक जलभराव होता है।
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