फिरोजाबाद में गत 21 मार्च को हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं से बुर्का उतरवाने के मामले में मुस्लिम समुदाय ने नाराजगी का इजहार किया है।
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद ने योगी आदित्यनाथ से माफी मांगने के लिए कहा है। कहा, यदि सीएम माफी नहीं मांगते हैं तो यह समझा जाएगा कि बुर्का उतरवाने में उनकी सहमति थी।
इस प्रकरण को लेकर भारतीय मुस्लिम विकास परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कार्रवाई नहीं होती तो मुस्लिम समुदाय आंदोलन करेगा।
आपको बता दें कि गत 21 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिरोजाबाद पहुंचे थे। यहां उन्होंने पुलिस लाइन परिसर में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन में लोगों को संबोधित किया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ
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इस दौरान कई मुस्लिम महिलाएं भी उन्हें सुनने के लिए कार्यक्रम में पहुंची थीं, लेकिन कार्यक्रम में जाने से पहले उनका बुर्का उतरवा लिया गया था। प्रशासन ने इसके पीछे सुरक्षा कारण बताया था।
खबर मीडिया में आने के बाद मुस्लिम समुदाय में इसको लेकर नाराजगी थी। अब इसी कड़ी में भारतीय मुस्लिम विकास परिषद का भी नाम जुड़ गया। जिसने योगी आदित्यनाथ से माफी मांगने को कहा है।
संस्था के चेयरमैन शमी अघाई ने कहा, “इसके लिए सीएम को भी खेद जताना चाहिए, नहीं तो यह माना जाएगा कि मुस्लिम महिलाओं के साथ जो कुछ भी हुआ, इसमें सीएम की भी सहमति थी।”
कहा कि पीएम मोदी और योगी दोनों ही सबका साथ-सबका विकास के बारे में बढ़ चढ़ कर दावे करते हैं, लेकिन दोनों नेता मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कुछ नहीं करते हैं।
डीएम ने दिया ये तर्क
फिरोजाबाद की डीएम नेहा शर्मा का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से चेकिंग कराई गई थी। मजिस्ट्रेट वहां तैनात थे। पुलिस कर्मी तैनात थे। बुर्का पहने किसी भी महिला ने न विरोध किया और नहीं आपत्ति। जो भी व्यवस्था की गई वह सुरक्षा की दृष्टि से की गई।
जबकि इस प्रकरण को लेकर फिरोजाबाद में वरिष्ठ अधिवक्ता अब्दुल सलाम, आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि इस्लाम मजहब में पर्दे का खास महत्व है।
महिलाओं को ऐसे कार्यक्रमों में नहीं जाना चाहिए जो पुरुष एवं महिलाओं का सम्मलित कार्यक्रम हो। जहां उन्हें पर्दे में रहने की इजाजत हो वहीं पर जाएं। यदि उन्हें बेपर्दा किया गया था तो उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था।