सुलहकुल की नगरी आगरा में शनिवार को चैंपियंस ट्राफी में भारत की जीत के लिए दुआएं मांगी गईं। रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच इस क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच खेला जाएगा। ऐसे में रमजान के पाक महीने में रोजेदार आगरा की इस ऐतिहासिक दरगाह पर भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के लिए चादरपोशी करने पहुंचे।
आगरा में नक्शबंदिया सिलसिले के सूफी संत हजरत अबुल उला की दरगाह है। यहां रोजान हजारों जायरीन दुआ मांगने के लिए आते हैं। देश-विदेश से मुस्लिम समाज के लोगों का यहां आने का सिलसिला हमेशा लगा रहता है। धर्म और मजहब से परे इस सूफी बादशाह के दर पर दुआ कुबूल होने का सबको यकीं है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट टीम के ये फैंस भी दुआ मांगने पहुंचे।
राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष कमर आलम, बंटी चौधरी, गुलाम रसूल, नईम कुरैशी, फतेह खान, शहनवाज हुसैन ने दरगाह पर चादर पोशी कर और रोजा रखकर भारतीय टीम की जीत के लिए दुआ की।
चादर पोशी के दौरान इन रोजेदारों ने कहा कि भारतीय टीम ने जिस तरह चैंपियंस ट्राफी के लीग मैच में पाकिस्तान को हराया था। अल्लाह के रहमोंकरम से फाइनल मुकाबले में भी इसी तरह का प्रदर्शन दिखाकर जीत हासिल करेगी। भारत की जीत से पाक टीम के खिलाड़ियों के साथ ही वहां के राजनेताओं का भी घमंड चकनाचूर होगा।
वहीं, चादरपोशी करने आए सभी रोजेदारों ने कहा कि यह जीत देश के शहीदों के नाम रहेगी। जिस तरह से पाक की नापाक हरकतें बार्डर पर जारी हैं। विराट सेना क्रिकेट के मैदान से उनको सबक सिखाएगी।