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कृष्ण के जन्मोत्सव में शरीक होता है यह मुस्लिम परिवार, आठ पीढ़ियों से निभा रहा भाईचारे की परंपरा

Sun, 25 Aug 2019 01:01 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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खुदाबक्स बाबूलाल शहनाई पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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ब्रज में एक मुस्लिम परिवार आठ पीढ़ियों से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गोकुल में होने वाले नंदोत्सव में एक मुस्लिम परिवार 125 साल से बधाइयां गा रहा है। 
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मास्टर खुदाबक्स बाबूलाल शहनाई पार्टी के लोग तड़के से ही गोकुल में बधाई गायन के लिए पहुंच जाते हैं। ये लोग गोकुल के मंदिरों में शहनाई वादन कर कृष्ण भक्तों को खूब नचाते हैं। बधाई गायन करते हैं। 
 
यमुनापार रामनगर निवासी खुदाबक्स बाबूलाल के परदादा होती खान शहनाई वादन का काम करते थे। होती खान ने 125 साल पहले गोकुल के नंद किला भवन, नंद भवन, राजा ठाकुर व नंद चौक में श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बधाई गायन का काम शुरू किया। 
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आठ पीढ़ियों से निभा रहे परंपरा

इसके लिए होती खान अपनी टोली के आठ लोगों को लेकर तड़के पैदल ही गोकुल पहुंचते थे। इसके बाद से उनके परिवारीजन आठ पीढ़ियों से इस परंपरा को निभा रहे हैं। कान्हा के जन्म के बाद खुदाबक्स और उनकी पार्टी के लोग बधाइयां गाते हैं। 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से एक हफ्ते पहले से वो श्रीकृष्ण के पद, भजन व गीतों पर रियाज करते हैं और जन्माष्टमी से अगले दिन तड़के पांच बजे 25 लोगों की टीम व साजो सामान के साथ गोकुल पहुंच जाते हैं। 

गोकुल पहुंच कर पुरातन जमाने के वाद्ययंत्र नगाड़ा, ढोलक, मजीरा, शहनाई, खरताल, मटका व नौहवत बजाते हैं और श्रीकृष्ण जन्म की बधाइयां गाते हैं। पार्टी के अकील, असगर, छोटे बताते हैं कि वे इस काम के लिए श्रद्धालुओं से मिलने वाली ईनाम को ही श्रीकृष्ण का प्रसाद समझ ग्रहण कर लेते हैं।
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