थाना उत्तर क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या के बाद ही से परिजनों ने पुलिस व प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं। सोमवार को परिजन घर के बाहर धरने पर बैठ गए। वहीं उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
इससे पहले भी परिजन लगातार इस मामले की जांच की बात कर रहे थे। पीड़िता के बाबा ने विगत शनिवार को कहा था धमकी देने वाले विक्की शूटर, सुनील रावत उर्फ फाइटर को पुलिस बचाने का काम कर रही है।
इस कारण न्याय मिलने की कोई संभावना नहीं है। पीड़ित परिवार ने बीस लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के किसी सदस्य को नौकरी, साथ ही घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।
दुष्कर्म पीड़िता के बाबा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि मेरे बेटे की हत्या में षड़यंत्रकारी सुनील रावत उर्फ फाइटर व अखिलेश शर्मा उर्फ विक्की शूटर पुत्र गुरुदत्त को थाना पुलिस छोटे केस में फंसा कर बचाने का प्रयास कर रही है।
आरोप है कि यही दोनों जान से मारने की धमकी देने के साथ राजीनामा करने को दबाव बना रहे थे। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि पुलिस छह माह में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। इसी के चलते मेरे बेटे की हत्या कर दी गई।
मुख्य आरोपी को भी खानापूरी करके पकड़ा गया है। हमारी मांग है कि घटना की सीबीआई जांच होनी चाहिए। एसडीएम ने 24 घंटे में सीबीआई जांच, पीड़ित परिवार को बीस लाख का मुआवजा दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। ना ही कोई जानकारी पीड़ित परिवार को दी गई है। पुलिस प्रशासन ने यदि मुझे न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्मदाह करने को बाध्य होगा।
पीड़ित परिवार से मिले विधायक, जताई नाराजगी
सदर विधायक मनीष असीजा शनिवार को पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि पाक्सो एक्ट में मामला दर्ज हुए छह माह हो गए फिर पीड़िता को मिलने वाली तीन लाख रुपये की धनराशि एसएसपी नहीं दिला पाए हैं। एसएसपी को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। विधायक ने कहा इस संबंध में उन्होंने उच्चाधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में भी बात की है।