यूपी के मैनपुरी में अंधाधुंध फायरिंग में एक वृद्ध की मौत हो गई। वहीं तीन लोग घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस करीब एक घंटा तक गांव में नहीं घुस सकी।
आला अधिकारियों ने पुलिसबल के साथ गांव में प्रवेश किया। समझाने के करीब तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने शव उठने दिया। पुलिस ने आरोपी प्रधान और साथियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है।
थाना औंछा क्षेत्र के गांव छतारी से अकसर होली के समय कुरावली के गांव कमलपुर के लोग खेत में खड़ी फसल को काट ले जाते हैं।
शुक्रवार शाम करीब तीन बजे राकेश कुमार भाई रामनरेश (55), गांव के विद्याराम, हरिओम व अंकित के साथ खेत देखने के लिए जा रहे थे।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि सरसों के खेत में पहले से घात लगाए बैठे गांव कमलपुर निवासी ग्राम सभा मनौना कुरावली के ग्राम प्रधान शिववीर सिंह, सोनू, रामगोपाल, सौरभ, सुभाष, केशकुमार, श्यामवीर, नेत्रपाल सहित 20-25 अज्ञात ने हमला कर दिया।
जब तक कोई कुछ समझ पाता असलाहों से लैस हमलावरों ने फायरिंग करना शुरू कर दिया। गोली लगने से रामनरेश की मौके पर ही मौत हो गई। हरिओम भी गोली लगने से घायल हो गया।
हमलावरों ने फायरिंग करने के साथ ही असलाह की बटों से मारपीट भी की। मारपीट में विद्याराम और अंकित घायल हो गए। सभी लोग जान बचाकर गांव की ओर भागे।
इस बीच गांव के लोग आने पर हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले। होली के दिन हुई इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
फोर्स की गई तैनात
मृतक रामनरेश
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सूचना मिलने के बाद कुरावली और औंछा पुलिस करीब एक घंटा तक गांव में प्रवेश नहीं कर सकी। एएसपी ओमप्रकाश सिंह बड़ी संख्या में पुलिसबल के साथ गांव पहुंचे।
मृतक के परिवारीजनों को समझाने के प्रयास किए, लेकिन ग्रामीण शव नहीं उठने दे रहे थे। करीब तीन घंटा तक ग्रामीण शव को गांव में रखे रहे। आखिरकार अधिकारियों के कड़ी कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
मैनपुरी के एएसपी ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि गांव छतारी में हत्याकांड जमीन के विवाद को लेकर हुआ है। सुरक्षा के लिए पीएसी को तैनात की गई है। एक आरोपी नेत्रपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही हैं।