मैनपुरी। थाना कुर्रा क्षेत्र में छह साल पहले पति की हत्या करने की आरोपी पत्नी को एफटीसी प्रथम अवनीश गौतम ने दोष मुक्त कर दिया है। साथ ही गांव के ही एक युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना कुर्रा के गुबरिया निवासी सुखवीर सिंह की 18 अगस्त 2014 की रात 12 बजे छत पर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। सुखवीर के भाई दुर्गेश कुमार ने हत्या की रिपोर्ट सुखवीर की पत्नी संगीता और गांव के ही कौशलेंद्र उर्फ केपी पर दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। कौशलेंद्र की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी पुलिस ने बरामद कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में हत्या के संबंध में गवाही दी। इसके आधार पर संगीता को हत्या का दोषी नहीं पाया गया। उसको आरोप से बरी कर दिया गया। कौशलेंद्र को हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने कौशलेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जेल में रहकर लड़ा मुकदमा
सुखवीर की हत्या करने में उसकी पत्नी संगीता और कौशलेंद्र को पुलिस ने हत्या के बाद ही जेल भेज दिया। उनकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। दोनों को पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। सोमवार को उनको जेल से कोर्ट लाया गया। निर्णय के बाद दोनों को कोर्ट से ही जेल भेज दिया गया।
तमंचा रखने में तीन साल की सजा
पुलिस ने हत्या में प्रयोग किया गया तमंचा बरामद करने के बाद कौशलेंद्र पर तमंचा रखने के आरेाप में चार्जशीट भेजी। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने बताया आरोप साबित होने के बाद एफटीसी जज अवनीश गौतम ने कौशलेंद्र को तमंचा रखने में तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।