नगला पजाबा में किसान की मौत के बाद घटना स्थल पर विलाप करते परिजन
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मैनपुरी। किसान गजराज की मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है। रोते-बिलखते परिजनों का कहना था कि आरोपी को गजराज ने जरूरत के वक्त सहारा दिया, आज उसी ने भूखंड के लिए उनकी हत्या कर दी। गजराज के पुत्र नितिन के अनुसार पिता के मौसेरे भाई धर्मेंद्र निवासी नगला गिरधारी हाल निवासी नगला पजाबा अपराधी किस्म का है।
करीब दस वर्ष पूर्व उसने अपने गांव में एक हत्या कर दी थी। मुसीबत में पिता ने उसकी सहायता की थी। उसे गांव में रखा और एक प्लॉट खरीदवा दिया। जिस पर धर्मेंद्र ने मकान बना लिया। एक जगह पशु बांधने के लिए भी दी थी, लेकिन जब उन्हें धर्मेंद्र की हरकतों के बारे में पता चला। तो पिता ने उस जगह पर पशु बांधने से मना कर दिया। बस तभी से वह पिता से रंजिश मानने लगा था। कुछ दिनों पहले आरोपी ने दिल्ली में रह रही बहन विमलेश को फोन करके धमकी दी थी कि उसका पिता बहुत बड़ा नेता बनता है। उसे किसी दिन गोली मार दूंगा।
सभासद रहे चुुके हैं गजराज
गजराज ने वर्ष 2002 में सभासद का चुनाव जीता था। ग्रामीणों की मानें तो गजराज का स्वभाव किसी से विवाद करने वाला नहीं था। अपनी मेहनत के बल पर सात बेटियों में से पांच बेटियों का अच्छे परिवारों में विवाह कर चुके थे। अभी दो बेटियां अनुराधा और नेहा व पुत्र नितिन की शादी नहीं हुई है।
फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉड ने की जांच
नगला पजाबा में जिस जगह पर गजराज का शव मिला वहां फोरेंसिक टीम ने जांच की। घटनास्थल से जांच के लिए नमूने लिए गए। पुलिस ने चारपाई के पास मिले कारतूस के खोखा को कब्जे में ले लिया। डॉग स्क्वॉड घूमता हुआ पुलिस को मृतक के घर के पास तक ले गया।