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आगरा: नौ साल के बालक की हत्या से सांप्रदायिक तनाव, लापरवाही पर इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

Fri, 11 Sep 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • तीन दिन पहले लापता हुआ था बालक, पुलिस ने नामजद आरोपियों से पूछताछ तक नहीं की
  • आरोपियों के घर केपास ही भूसे की कोठरी से मिला शव, गांव में पुलिस पीएसी तैनात
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मृतक का फाइल फोटो और मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में एक बालक की हत्या कर दी गई। गुरुवार की सुबह उसका शव एक कोठरी में भूसे के ढेर में मिलने से गांव में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। महिलाओं ने पुलिस की गाड़ी पर पत्थर फेंके। मृतक के पिता ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करा दिया था। 

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उनका आरोप था कि पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ नहीं की। मामला थाना एत्मादपुर के धौर्रा गांव का है। एसएसपी बबलू कुमार ने एत्मादपुर थाना के निरीक्षक सलीम खान को लाइन हाजिर कर दिया। गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी। हत्या की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।





गांव धौर्रा में किसान रघुनाथ सिंह यादव के तीन दिन से लापता बेटे उपदेश उर्फ भुल्ला (9) का गुरुवार को एक कोठरी में भूसे के ढेर में शव मिलने पर सांप्रदायिक तनाव फैल गया। रघुनाथ ने पहले ही गांव के वाहिद और अय्यूब के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करा दिया था। 
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महिलाओं ने वाहनों पर फेंके पत्थर

पुलिस जब शव को लेकर चली, तो महिलाओं ने वाहनों पर पत्थर फेंके। उनका कहना था कि वाहिद और अय्यूब से पुलिस ने पूछताछ नहीं की। एसएसपी बबलू कुमार ने एत्मादपुर थाना के निरीक्षक सलीम खान को लाइन हाजिर कर दिया। गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी। हत्या की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।

आठ सितंबर को दोपहर दो बजे उपदेश घर से टॉफी लेने के लिए निकला था। दुकान पर गांव के ही वाहिद और अय्यूब को उससे बात करते हुए देखा गया था। इसी आधार पर उनके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पुलिस आठ की रात हो ही दोनों आरोपियों को थाना ले आई। 

रघुनाथ सिंह का आरोप है कि उनसे ठीक से पूछताछ तक नहीं की। गुरुवार की सुबह छह बजे गांव के रूसी सिंह की पत्नी अनुपमा गाय को चारा डालने के लिए बाड़े पर गई, तो उसे अपने भूसे के कमरे में बदबू आई। यह कमरा आरोपियों के घर के ठीक सामने है। 

अनुपमा ने और लोगों को बुलाकर तलाश कराई तो भूसे के ढेर में उपदेश का शव मिल गया। उसकी गर्दन व पेट पर काटे जाने निशान थे। देर शाम उपदेश का पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। 

पुलिस पर लगे ये आरोप

शव मिलते ही महिलाओं ने पुलिस के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने थाना प्रभारी के सामने कहा कि पुलिस ने आरोपियों को थाने में मेहमान की तरह रखा। अगर सख्ती से पूछताछ करते तो शव आठ की रात ही मिल जाता। महिलाओं का हंगामा बढ़ता देख तीन थानों की पुलिस बुला ली गई। अब गांव वालों का गुस्सा देखते हुए उनके घर पुलिस तैनात की गई है। 

घटनास्थल पर खोजी कुत्ता बुलाया गया। वह भूसे के कमरे से निकलकर सीधा आरोपियों के घर के बाहर तक पहुंचा। वहां जाकर रुक गया। लोग गुस्से में थे। इसे देखते पुलिस ने आरोपियों के घर का दरवाजा नहीं खुलवाया। 

ग्रामीणों ने बताया कि जब पुलिस शव लेकर चली तो गुस्साईं महिलाओं ने पत्थर फेंके। इससे दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त भी हो गई। हालांकि थाना प्रभारी ने गाड़ियों पर पथराव किए जाने की बात से इंकार किया है।
 
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पांच बहनों का इकलौता भाई उपदेश

रघुनाथ सिंह के पांच बेटियां रूबी, रचना, अनामिका, अमर्धना तथा उमा बहनों में इकलौता उपदेश भाई था। पांचों बहनों, मां व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उपदेश के ताऊ विजयनाथ का सत्रह वर्षीय बेटा भी गांव से लापता हुआ था। मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी आज तक उसका पता नहीं चल सका।

विधायक ने कहा, इंस्पेक्टर को तुरंत हटाओ 

घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक रामप्रताप सिंह चौहान ने एसएसपी से बात कर तत्काल थाना प्रभारी पर कार्रवाई की बात की। उन्होंने कहा कि तुरंत उसे हटाया जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल, सपा जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल, खंदौली ब्लाक प्रमुख जगवीर सिंह तोमर, शिवराम यादव, पिंकी फौजी, जेपी यादव सहित तमाम पार्टियों के नेताओं ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

'मामले का जल्द होगा खुलासा'

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रवि कुमार ने कहा कि बालक का शव गांव में ही भूसे की कोठरी में मिला है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा। थाना प्रभारी पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप की विभागीय जांच की जाएगी। 
 
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