सुदीप ने बताया दुकान पर अमन बैठता था। हनुमान ट्रस्ट ने उसके पिता स्वर्गीय शिवशंकर को दुकान किराए पर दी थी। अमन सिंह करीब बीस साल पहले मुरादाबाद से यहां बस गया था।
पिता शिवशंकर से उसकी गहरी दोस्ती थी। पिता की मौत के बाद अमन सिंह ने दुकान पर अपना आधिपत्य जमाना शुरू कर दिया। अमन सिंह सुदीप व उसके छोटे भाई को दुकान पर नहीं बैठने देता था।
- रात के समय सूनसान माहौल देख सुदीप ने पहले अमन सिंह को गोली मारी। वहां से भाग खड़ा हुआ। रास्ते में झील की पुलिया के समीप उसने घटना के वक्त पहने कपड़ों और जूतों को नाले में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के इरादे से खुद ने ही अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी। लेकिन दुकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में सब कैद हो गया।
राजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी