आगरा में स्वच्छता रैंकिंग में देश के टाॅप-10 शहरों में शामिल होने के बाद अब आगरा नगर निगम ने रैकिंग में और सुधार के लिए नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। निगम अब कूड़ा निकलने वाले स्थल पर ही उसका निस्तारण कराने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत शहर के कई वार्डों में घर-घर जाकर नागरिकों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग निस्तारित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
वर्तमान में वार्ड संख्या 2, 4, 14, 19 और 70 में यह अभियान शुरू हुआ है। योजना को व्यापक रूप देने के लिए होम कंपोस्टिंग, कम्युनिटी कंपोस्टिंग, स्कूली शिक्षा और सफाईकर्मियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जा रही है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि यह प्रक्रिया जल्द ही शहर के सभी वार्डों में लागू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि नगर निगम का फोकस कूड़ा वहीं निस्तारित हो, जहां उत्पन्न हो की नीति पर है। बताया कि फिलहाल वार्ड 19 में इस रणनीति को पूरी तरह से अमल में लाया जा चुका है। दावा किया कि वार्ड में 100 फीसदी कूड़े का स्थानीय स्तर पर निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय स्कूलों में बच्चों को अलग-अलग कूड़े की पहचान और निस्तारण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि आगरा को स्वच्छता के मामले में देश का अग्रणी शहर बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान में जन सहभागिता से आगरा को पहले पायदान पर पहुंचने में मदद मिलेगी।