मुंबई की कोरियर कंपनी से 80 लाख रुपए चोरी कर फरार होकर वृंदावन आए आरोपी व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने जो बताया है, उसे जानकर पुलिस वाले हैरान हो गए।
आरोपी ने चोरी की रकम को उसने अच्छे कामों में खर्च कर दिया। उसके पास से 10 लाख 68 हजार रुपये सहित 118 ग्राम सोने के आभूषण व पांच मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
मुंबई के रहने वाले मिथुन पटेल कोरियर कंपनी चलाते हैं। उनकी कंपनी गुजरात का रमेश काम करता था। सात अप्रैल को रमेश ने कंपनी से 80 लाख रुपये चोरी कर लिए और फरार हो गया।
चोरी की इतनी रकम बरामद हुई
इस संबंध में मिथुन पटेल ने बीपी रोड थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तभी से मुंबई पुलिस इस घटना की छानबीन में लगी थी। शुक्रवार को पुलिस ने रमेश को चैतन्य विहार कॉलोनी फेस 1 से हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार पिछले दिनों रमेश ने कल्याण के मोबाइल से अपने घर फोन किया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की और रमेश हाथ आ गया। 10 लाख 68 हजार रुपए सहित 118 ग्राम सोना व 5 मोबाइल बरामद किए गए हैं।
अप्रैल में मुंबई में 80 लाख की चोरी की वारदात करने के बाद रमेश महाराष्ट्र और कोलकाता में घूमता रहा। इसके बाद रमेश वृंदावन आया और चैतन्य विहार निवासी कल्याण को वृंदावन में एक माह रहकर भंडारा कराने की बात कही।
नेक कामों में खर्च कर दी रकम
कल्याण के मकान में रहकर ही उसने भंडारा कराया। इस भंडारे में लगभग 15 से 17 लाख रुपया खर्च किया। पुरोहितों को 2-2 हजार रुपए दक्षिणा में भी दिए। रमेश ने चीरघाट पर केवटों को तीन लाख रुपए का स्टीमर भी खरीदकर दिया।
आरोपी रमेश ने हनुमान मंदिर के नवनिर्माण के लिए भी 50 हजार रुपए दान दिए थे। नेक कार्यों से प्रभावित यमुना किनारे के लोग रमेश के आने का इंतजार करते थे।
कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार सिंह के अनुसार पूछताछ में रमेश ने स्वीकार किया है कि चोरी करने के पीछे उसका मकसद अच्छे कार्यों में रुपए लगाना था। फिलहाल मुंबई पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।