खेरिया एयरपोर्ट की दीवार से 100 मीटर के दायरे में हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के तहत सबसे बड़े बहुमंजिला इमारतों पर पहले शिकंजा कसेगा। उसके बाद छोटे निर्माणों के खिलाफ एक्शन होगा। थाना मलपुरा में तहरीर के देने के बाद एयरफोर्स ने निर्माणकर्ताओं को नोटिस देने का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। अधिकारियों के निर्देश पर लेखपालों ने भवनों की सूची बनानी शुरू कर दी है।
पठानकोट एयरबेस में हुए आतंकी हमले के बाद वायुसेना ने देशभर के वायुसेना स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में खेरिया एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर कसरत शुरू हो गई है। एयरफोर्स ने सबसे पहले एयरपोर्ट से 100 मीटर के दायरे में हुए निर्माणों को अवैध बताते हुए थाना मलपुरा में करीब दो हजार निर्माणों के खिलाफ तहरीर दे दी है। एयरफोर्स के अधिकारियों के मुताबिक एयरक्राफ्ट एक्ट की अनदेखी कर वहां निर्माण किए गए हैं। इनसे न केवल एयरपोर्ट की सुरक्षा को खतरा है बल्कि एयरक्राफ्ट भी असुरक्षित हैं। एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एयरपोर्ट सुरक्षा कमेटी की बैठक में यह तय हुआ है कि पहले बहुमंजिला भवनों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इनमें दो मंजिला और तीन मंजिला भवन भी शामिल हैं। उसके बाद छोटे भवनों के खिलाफ एक्शन होगा। इसके लिए एयरफोर्स ने भवन स्वामियों को नोटिस देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने लेखपालों के माध्यम से ऐसे भवनों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जिनका ध्वस्तीकरण पहले चरण में होना अनिवार्य है।
परिवारों का बनाया जाएगा ब्योरा
आगरा। एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीन मंजिला या दो मंजिला भवनों की ऊपरी मंजिलों को गिराया जाएगा। जो एक मंजिला मकान रह जाएंगे उनमें रहने वाले परिवारों का ब्योरा तैयार होगा। इसमें उस परिवार के सदस्यों की संख्या, उनके व्यवसाय, वाहन आदि की जानकारी दर्ज होगी। इसके साथ ही उनसे शपथ पत्र भी लिया जाएगा कि जो जानकारी उन्होंने इस ब्योरे में दर्ज कराई है उनके अलावा उनके परिवार में कोई सदस्य नहीं है।