ताजमहल पूर्वी गेट रोड पर तीन साल पहले 2016 में मुगल म्यूजियम का शिलान्यास किया गया था, जिसे मई 2017 में पूरा कर लिया जाना था। काम जल्दी हो, इसलिए प्री-कास्ट तकनीक का पहली बार प्रयोग किया गया, लेकिन म्यूजियम निर्माण में तीन साल की देरी हो गई और इस बीच 56 करोड़ रुपये इसकी लागत बढ़ गई।
प्रदेश सरकार ने म्यूजियम निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम को 129.66 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, जबकि प्रस्ताव 141 करोड़ रुपये था। टाटा प्रोजेक्ट को जिम्मा सौंपा गया और पहले से बने पैनल लगाए गए। यह काम मई 2017 तक पूरा करना था। टाटा प्रोजेक्ट इस काम को समय पर पूरा करने में नाकाम रहा, जिस वजह से अब इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर करीब 186 करोड़ रुपये हो गई है।
बार बार समय सीमा बढ़ाने के बाद राजकीय निर्माण निगम ने प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक का वक्त टाटा प्रोजेक्टस को दिया है, लेकिन जिस गति से काम चल रहा है, उससे यह प्रोजेक्ट अगले साल मार्च तक भी पूरा नहीं हो पाएगा।