गोवर्धन के दानघाटी मंदिर में गिरिराज जी का अभिषेक करते सेवायत
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राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेला 12 जुलाई से शुरू होगा। मेला के चलते गिरिराज जी के प्रमुख तीन मंदिरों की एक माह की सबसे महंगी सेवा सोमवार से शुरू हो गई है। सेवायतों ने मुड़िया मेला को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जुलाई माह में लगने वाले मुड़िया मेला में मंदिर सेवायतों को एक करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मुड़िया मेला में आने वाले भक्त परिक्रमा के साथ दूध-भोग एवं प्रसाद चढ़ाते हैं।
सायंकालीन बेला में फूलबंगला एवं छप्पन भोग के दर्शन होते हैं। दानघाटी मंदिर के सेवाधिकारी लाला पंडित ने बताया कि सोमवार को प्रात: बेला में चार बजे मंगला अभिषेक के साथ सेवा शुरू हो गई है। मंगलाभिषेक में गिरिराज जी का दूध-दही, घी, शहद पंचामृत आदि से विशेष अभिषेक किया गया।
दानघाटी मंदिर में गिरिराज जी की सेवा का ठेका 90.02 लाख रुपये का मथुरा दास कौशिक लाला पंडित के नाम है। दसविसा मानसी गंगा मुकुट मुखारविंद में गिरिराज जी की सेवा का ठेका 1.09 करोड़ का राजीव केशोरैया के नाम उठा है।
तीसरे जतीपुरा स्थित मुखारविंद मंदिर में गिरिराज जी की सेवा का ठेका 34.36 लाख का पंकज कौशिक के नाम हुआ है। इन तीनों मंदिरों में एक माह की सेवा का ठेका है।
इनके अलावा दानघाटी मंदिर द्वारा संचालित लक्ष्मीनारायण मंदिर और मुकुट मुखारविंद मंदिर द्वारा संचालित हरिगोकुल मंदिर में गिरिराज जी की सेवा उठाई जाती है। सेवायतों में पवन कौशिक, परीक्षित कौशिक, धीरज कौशिक, कन्हैया शर्मा, राजकुमार गुड्डू, सतीश शर्मा, हरि पुरोहित, मोनू बक्सी, रोहित शर्मा आदि थे।