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MSME Day 2026:  आगरा का जूता 170 देशों तक पहुंचा, लेकिन अपने ही शहर में विस्तार को तरस रहे उद्योग; ये है वजह

Sat, 27 Jun 2026 09:34 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा की 1.56 लाख एमएसएमई इकाइयां 7.70 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं, लेकिन टीटीजेड की बंदिशों और बिजली कनेक्शन न मिलने से उनका विस्तार प्रभावित है। उद्यमियों का कहना है कि अनुकूल माहौल और सरकारी सहयोग मिलने पर आगरा के उद्योग वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां छू सकते हैं।
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आगरा का जूता - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कुटीर उद्योग से शुरू होकर दुनियाभर में अपने हुनर और गुणवत्ता के बूते आगरा के उत्पादों ने अपनी पहचान बनाई है। मगर ताज ट्रेपेजियम जोन अथॉरिटी की बंदिशें उनके पंखों को काटने में लगी हैं। 7.70 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहीं 1.56 लाख एमएसएमई इकाइयों को विस्तार की जरूरत है। बिजली कनेक्शन न मिलने से परेशान उद्यमियों का दावा है कि बंदिशों को हटा दें, फिर दिखाई देंगी छोटी इकाइयों की ऊंची उड़ान।
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मुगल काल से चमड़े के जूतों के जरिये आगरा के कारीगर अपना हुनर दिखा रहे हैं। अब दुनिया के 170 देशों तक आगरा का जूता पहुंच चुका है। अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के ज्यादातर देशों में आगरा के बने जूते चमक रहे हैं। अमेरिकी टैरिफ और चीन की चुनौतियों के बाद भी आगरा के जूतों ने दम दिखाया है। दुनिया के सभी बड़े फुटवियर ब्रांडों के जूते आगरा में ही बनाए जा रहे हैं और स्थानीय उद्यमियों ने भी अपने ब्रांड को चमकाया है। यह सेक्टर और बढ़ेगा लेकिन विस्तार पर रोक और श्रम कानूनों ने राह रोक रखी है।

इन उद्योगों ने दिखाया है दम
आगरा में फूड प्रोसेसिंग, ब्रश, मार्बल हस्तशिल्प, प्लास्टिक, पीवीसी पाइप, कूलर, जनरेटर, फाउंड्री, लेदर फुटवियर, पेठा, दालमोठ, सरसों तेल, चांदी की पायलें आदि क्षेत्र में छोटी इकाइयों ने तरक्की की है और देश भर में अपनी धाक जमाई है। मसालों के कई बड़े ब्रांड आगरा के हैं, जिन्होंने दस साल में पूरे देश में अपनी सुगंध फैलाई है, वहीं पेठे की मिठास दिन पर दिन बढ़ रही है।
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सुप्रीम कोर्ट में करेंगे पैरवी
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने बताया कि एमएसएमई इकाइयों को आगरा में बिजली के कनेक्शन नहीं मिल पा रहे। विस्तार और नई इकाइयां तैयार हैं, पर टीटीजेड अथॉरिटी की रोक ने आर्थिक विकास रोक रखा है। बंदिशें हटवाने के लिए राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की जाएगी। उम्मीद है कि राहत मिलेगी। 

उद्यमियों को माहौल चाहिए
आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने बताया कि उद्यमियों को बस माहौल चाहिए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस चाहिए। अफसर काम लटकाने की जगह जल्द कार्रवाई करने वाले चाहिए। सोच में बदलाव और माहौल से एमएसएमई इकाइयां तेजी से बढ़ेंगी। 

छोटी इकाई नहीं झेल पातीं
एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ज्यादा पैसा खर्च होता है, जिसे छोटी इकाई नहीं झेल पातीं। सरकार सहयोग दे तो उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, दूसरे देशों से प्रतिद्वंद्विता के लिए आर एंड डी पर इकाइयां ध्यान देंगी। इससे उत्पाद अपग्रेड होंगे और ऑर्डर बढ़ेंगे। 
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न्यूमेरिक्स
1.56 लाख इकाइयां आगरा में एमएसएमई में दर्ज
7.70 लाख लोगों को छोटी इकाइयां दे रहीं रोजगार

1149 इकाइयों को ही औद्योगिक पार्क में मिली जगह
1058 एकड़ में प्रस्तावित है इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
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