बटेश्वर कॉरिडोर परियोजना में खामियां मिलने पर सांसद राजकुमार चाहर ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य रुकवा दिया और छतरियों को हटाकर नई डिजाइन से बनाने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी कार्य तय समय व मानकों के अनुसार ही पूरे किए जाएं।
निर्माणाधीन बटेश्वर कॉरिडोर परियोजना की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच सांसद राजकुमार चाहर ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में खामियां और डिजाइन में कमी मिलने पर सांसद ने गहरी नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। सांसद ने नवनिर्मित यज्ञशाला के गुंबद और प्रवेश द्वारों (गेट नंबर 1 व 2) पर बनी छतरियों को तत्काल प्रभाव से हटाने और उन्हें नए सिरे से बनाने के आदेश दिए हैं।
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रविवार सुबह सांसद राजकुमार चाहर बटेश्वर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने बटेश्वर कॉरिडोर का जायजा लिया। इसके बाद सांसद ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी छतरियों की बनावट संतोषजनक नहीं है, इसलिए अब लोहे की मजबूत फ्रेमिंग के साथ नई और आकर्षक डिजाइन तैयार की जाए। सांसद ने दो टूक कहा जब तक नई डिजाइन की कॉपी मुझे नहीं मिल जाती, तब तक गुंबद का कार्य आगे नहीं बढ़ेगा।
इससे पहले लखनऊ से आए विशेषज्ञ आर्किटेक्ट राहुल जादौन और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने भी निर्माण का बारीकी से निरीक्षण कर डिजाइन बदलने की संस्तुति की थी। इसी आधार पर सांसद ने कॉरिडोर के मुख्य आकर्षणों के पुनरुद्धार का निर्णय लिया। इस दौरान परियोजना अधिकारी संदीप चौधरी, सहायक अभियंता एसपी दुबे, पूर्व विधायक जितेंद्र वर्मा, नितिन वर्मा, सुग्रीव चौहान, जिला पंचायत सदस्य कृष्णवीर सिंह मुन्ना, सत्येंद्र बरुआ, अरविंद बघेल उपस्थित रहे।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
यज्ञशाला के अलावा सांसद ने कॉरिडोर के अंतर्गत बन रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बहुउद्देशीय हॉल, गार्ड रूम और क्लॉक रूम का भी जायजा लिया। इन कार्यों की गुणवत्ता पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया, लेकिन ठेकेदार को हिदायत दी कि समस्त कार्य समय सीमा के भीतर और पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरे किए जाएं। बटेश्वर कॉरिडोर की गुणवत्ता के साथ कोई समझाैता नहीं किया जाएगा।