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हंसदेवाचार्य के निधन से तीर्थनगरी वृंदावन में शोक की लहर, साधु-संतों ने दी श्रद्धांजलि

Fri, 22 Feb 2019 08:51 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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स्वामी हंसदेवाचार्य को संतों ने दी श्रद्धांजलि
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जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य का तीर्थ नगरी वृंदावन से गहरा लगाव था। महीने में कम से कम दो बार बांकेबिहारी के दर्शन करने व अन्य संत-महंतों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उनका यहां आगमन होता था। भजन गायक विनोद अग्रवाल को श्रद्धांजलि के देने के लिए उनका अंतिम बार वृंदावन आगमन हुआ था। इसके अलावा गीता आश्रम, श्रोतमुनि, काष्णि आश्रम जगदानंद महाराज, सुदामा कुटी, सोम आश्रम, श्रीकृष्ण धाम आदि जगहों पर उनका आना-जाना लगा रहता था।
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शुक्रवार को जैसे ही उनके निधन की खबर पता चली तो संत-समाज में उदासी छा गई। छटीकरा रोड स्थित चिंतामणि कुंज में महामंडलेश्वर आदित्यानंद महाराज की अध्यक्षता में उन्हें संतों ने श्रद्धांजलि दी। संतों ने बताया कि तीर्थ नगरी वृंदावन से हंसदेवाचार्य महाराज का गहरा लगाव था। वो फुर्सत के समय में यहां हमेशा आते थे और देशहित के गंभीर मुद्दों पर घंटों तक संतों के साथ चर्चा किया करते थे। राम मंदिर निर्माण के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों को नहीं भुलाया जा सकता। 

शोक सभा में महामंडलेश्वर अनंतानंद महाराज, हरिबोल बाबा, स्वामी शंकरानंद महाराज, स्वामी राघवानंद जी, महंत स्वामी ब्रह्मचेतन, महंत कल्याणानंद, महामंडलेश्वर नवलगिरि महाराज आदि ने विचार रखे। इस दौरान शिवचन्द्रानंद, शुभशरण शर्मा, ब्रजकिशोर दास, कृष्णानंद, हीरा गिरि आदि मौजूद रहे।
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तीर्थ नगरी वृंदावन में उनका आना-जाना लगा रहता था। राम मंदिर निर्माण हो, ऐसी परिकल्पना उन्होंने अपने ह्दय में संजोयी थी, उसके लिए वह लगातार परिश्रम करते रहे, लेकिन उनकी मौजूदगी में मंदिर का निर्माण न हो पाना दुखद है।- स्वामी भास्करानंद, महामंडलेश्वर

 

हंसदेवाचार्य जी बाल सखा रहे हैं। उन्होंने अपनी कुशल क्षमता एवं नेतृत्व से अप्रतिम योगदान दिया। वह जनजागरण के लिए संतों को हमेशा प्रेरित करते रहे। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को संत समाज हमेशा याद रखेगा। - स्वामी चित्तप्रकाशानंद, महामंडलेश्वर 

 

विषय परिस्थितियों में धैर्य रखना उनके स्वभाव में हर समय दिखता था। उन्होंने सदैव हिन्दुओं का मनोबल बनाए रखने के लिए उन्हें प्रेरित किया। आज यह निधि हमारे बीच नहीं है। यह क्षण बहुत दुखद है। - ब्रजमोहन दास महाराज, महंत

 

हंसदेवाचार्य ने राम जन्मभूमि आंदोलन, संत समिति व हिंदू चेतना जागरण मंच द्वारा संत समाज एवं हिन्दू समाज को संगठित रखकर एक अनूठा कार्य किया। आज उनकी क्षति को पूरा करने वाला कोई दूसरा महापुरुष शायद ही समाज में हो। - स्वामी सुरेशानंद परमहंस, महंत नारायण आश्रम

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