कासगंज। सिपाही की हत्या और पुलिस टीम पर हमले के मुख्य आरोपी माफिया मोती की मौत के बाद उसके फरार दोनों भाइयों की तलाश के लिए पुलिस का ऑपरेशन जारी है। हालांकि अभी तक पुलिस को दोनों भाइयों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
विगत नौ फरवरी की रात गांव नगला धीमर के समीप काली नदी की खादर में वांछितों की तलाश में पहुंचे दरोगा और सिपाही पर शराब माफिया मोती और उसके भाइयों ने साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया था। हमले में घायल सिपाही की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस अब तक मोती और उसके भाई एलकार को मुठभेड़ के बाद ढेर कर चुकी है। हालांकि उसके दो भाई अभी भी फरार हैं। फरार मोहर सिंह एवं मानपाल की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। हालांकि 22 दिन के बाद भी पुलिस की आठ टीमों को अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। काली एवं गंगा नदी की खादर के साथ-साथ बदायूं, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, हाथरस जिलों में भी फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मोती के फरार दोनों भाइयों की तलाश की जा रही है। हालांकि अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। लगातार प्रयास जारी हैं। मनोज कुमार सोनकर , एसपी