कासगंज। आठ दिन पहले पुलिस टीम पर हमला और सिपाही की हत्या की वारदात का मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है। सोमवार रात भाइयों के साथ पुलिस के सामने आया मोती फायरिंग करते हुए खादर की झाड़ियों में छिप गया। पुलिस लगातार घेराबंदी किए है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि आंखों के सामने आने के बाद माफिया झाड़ियों में आखिर कहां ओझल हो गया।
शराब माफिया मोती के साथ सोमवार रात मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके ममेरे भाई और मौसा को तो गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसका भाई मोहर सिंह, मानपाल के साथ वह झाड़ियों में गुम हो गया। पुलिस की टीमें हैरान हैं कि आंखों के सामने आने के बाद मोती मुठभेड़ के बाद झाड़ियों में कहां गुम हो गया।
मुठभेड़ के बाद से पुलिस की टीमें लगातार कांबिंग में जुटी हैं। यहां तक कि बदायूं पुलिस भी घेराबंदी कर खादर की कांबिंग कर रही है। हालांकि पुलिस की टीमें दावा कर रही हैं कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होगी।
माफिया पर नहीं मोबाइल, लोकेशन ट्रेस में मुश्किल
शराब माफिया मोती के पास कोई मोबाइल नहीं है। ऐसे में सर्विलांस के माध्यम से माफिया की लोकेशन भी ट्रेस करने में सफलता नहीं मिल पा रही है। पुलिस का मानना है कि यदि मोबाइल होता तो शायद अब तक सफलता मिल जाती।
- पुलिस की टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। हालांकि अभी तक अपराधी मोती और उसके भाइयों का सुराग नहीं लगा है। पुलिस टीमों के प्रयास अनवरत जारी हैं।
मनोज सोनकर, एसपी।