कासगंज। अपर जिला एवं सत्र (एफटीसी) न्यायाधीश घनेंद्र कुमार के न्यायालय ने दहेज हत्या की आरोपी सास को जमानत नहीं दी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
अमांपुर गांव निवासी मूलचंद ने अपनी पुत्री नीलम की शादी तीन साल पहले अभयपुरा गांव निवासी रामसेवक के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही दहेज को लेकर उसके ससुराल वाले उसका उत्पीड़न करने लगे। आरोप है कि 31 मई 2024 को सास चंद्रावती, ससुर रामेश्वर, पति रामसेवक, जेठ परमानंद व जेठानी डॉली ने मिलकर नीलम की हत्या कर दी। हत्या की सूचना पिता को मिली तो वो मौके पर पहुंचे। साथ ही पीड़ित पिता ने अमांपुर थाने में सभी को नामजद करते हुए दहेज हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपी सास चंद्रवती ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपनी जमानत याचिका प्रस्तुत की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध जताया। न्यायालय ने आरोपी ससुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।