वृंदावन रंगनाथ मंदिर में मां गुदंबा जी का पांच दिवसीय विवाह महोत्सव मैं चांदी की पालकी में बैठकर
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वृंदावन (मथुरा)। दक्षिण भारतीय शैली के उत्तर भारत के विशालतम दिव्यदेश रंगनाथ मंदिर में शनिवार से पांच दिवसीय मां गोदम्मा जी का विवाहोत्सव शुरू हो गया है। पहले दिन परंपरागत रूप से मां गोदम्मा की सवारी मंदिर परिसर में निकाली गई।
परंपरागत आयोजन के तहत रंगनाथ मंदिर में मां गोदम्मा जी भगवान श्रीकृष्ण को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए एक माह तक व्रत रखती हैं, जिसे धनुर्मास कहा जाता है। इस मास के अंतिम पांच दिन विवाहोत्सव के होते हैं। इसी परंपरा के तहत शनिवार से विवाहोत्सव शुरू हो गया है। इसके पहले दिन मां गोदम्मा जी घूंघट ओढ़े चांदी की पालकी में विराजमान होकर निज मंदिर से निकलीं।
परंपरागत वाद्य यंत्रों की मधुर धुन के बीच मां गोदम्मा जी की सवारी मंदिर प्रांगण में भ्रमण कर शेषशायी भगवान विष्णु के समक्ष पौंडानाथ मंदिर पहुंची। जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। यहां से मां गोदम्मा जी को बारहद्वारी स्थित मंडप में ले जाया गया, जहां हल्दी, चंदन, केसर, विभिन्न नदियों के पवित्र जल आदि से अभिषेक किया गया। इसके बाद उनके केश संभाले गए। इस दौरान मंदिर के सेवायत पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रों का पाठ अनवरत रूप से किया जा रहा था। रंगनाथ मंदिर में मां गोदम्मा जी विवाहोत्सव के दौरान चहल-पहल बनी हुई है। इस विवाहोत्सव के दर्शनों के लिए स्थानीय भक्तों के साथ बाहर से आये श्रद्धालु भी मंदिर पहुँच रहे हैं।