मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में छह साल पहले एक किशोरी पर नाजायज संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप साबित होने पर मां और बहन को स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) पूनम ने 14-14 साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद दोनों को अदालत से जेल भेज दिया।
थाना कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी किशोरी ने पांच जून 2015 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा था कि उसके घर पर रिजवान उर्फ राहुल निवासी हिंदपुरम कॉलोनी थाना कोतवाली का आना-जाना है। उसकी मां तथा बड़ी बहन उस पर रिजवान के साथ नाजायज संबंध बनाने के लिए दबाव बनाते थे। मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती। रिजवान ने उसकी मर्जी के खिलाफ संबंध बनाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर किशोरी की मां और बड़ी बहन को दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप यादव ने बताया कि स्पेशल जज ने दोनों को 14-14 साल की सजा सुनाई है। 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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रिजवान को आजीवन कारावास
किशोरी द्वारा दी गई गवाही के आधार पर रिजवान को किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया है। एडीजीसी अनूप यादव की दलीलों से सहमत होकर स्पेशल जज ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 63 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद रिजवान को जेल भेजा गया है।
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पीड़िता को मिलेंगे 63 हजार रुपये
एडीजीसी अनूप यादव ने बताया कि स्पेशल जज पूनम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि 63 हजार रुपये पीड़ित किशोरी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।