मैनपुरी। बृहस्पतिवार को दोपहर में आई आंधी ने विद्युत व्यवस्था ध्वस्त कर दी। शहर से लेकर देहात तक सौ से अधिक बिजली के खंभे टूट गए। इसके चलते शहरी क्षेत्र के अलावा 80 गांवों की भी बिजली गुल रही। आंधी रुकने के बाद विद्युत निगम की टीम ने पेट्रोलिंग शुरू कर दी है, हालांकि और भी खंभे क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
अचानक दोपहर 12 बजे आई आंधी से बिजली विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। शहर ही नहीं बल्कि देहात क्षेत्रों में भी बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर आंधी के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। आंधी रुकने के बाद विद्युत निगम के कर्मचारी ने पेट्रोलिंग शुरू की। इसमें पता चला कि मंछना विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में 15, बख्तपुर क्षेत्र में 27, दन्नाहार क्षेत्र में तीन खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा जिले भर सौ से अधिक बिजली के खंभे टूट गए। खंभे टूटने से 80 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शाम तक पेट्रोलिंग टीमें नुकसान की जानकारी के लिए लाइनों को चेक करती रहीं।
वहीं कुछ टीमों ने टूटे खंभे और लाइनें सही कराने का काम शुरू तो किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। नुकसान अधिक होने के चले देर शाम तक ग्रामीण अंचल में बिजली आपूर्ति चालू नहीं कराई जा सकी। लोग गर्मी में बेेहाल नजर आए, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी।
पॉवर हाउस और सिविल लाइन उपकेंद्र रहे बंद
शहरी क्षेत्र में आंधी के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। पॉवर हाउस उपकेंद्र क्षेत्र में एचटी लाइन के चार बिजली के पोल टूटने से आवास विकास, अवध नगर, पॉवर हाउस रोड, हरिदर्शन नगर देवपुरा, नगला गोवर्धन आदि क्षेत्रों में सात घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। दरअसल 12 बजे खंभे टूटने से आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके बाद शाम सात बजे आपूर्ति चालू कराई जा सकी।
वहीं सिविल लाइन उपकेंद्र क्षेत्र में भी लाइनें टूटने के साथ ही उपकेंद्र पर वीसीवी बक्से में आग लग गई। इसके चलते दोपहर एक बजे से लेकर शाम सात बजे तक लगभग छह घंटे बड़े क्षेत्र में आपूर्ति बाधित रही। देवी रोड उपकेंद्र और ज्योंती रोड उपकेंद्र से भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होती रही। इससे लोग परेशान नजर आए।
एसडीओ और जेई के नहीं उठे फोन
बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने के साथ ही विद्युत निगम के अधिकारियों की मनमानी से भी लोग परेशान नजर आए। घंटों बिजली न आने पर जब लोगों ने एसडीओ और जेई को फोन कर जानकारी जुटानी चाही तो उनका फोन ही नहीं उठा। इससे लोगों में आक्रोश नजर आया। हालांकि अधीक्षण अभियंता विद्युत रवि प्रताप और अधिशासी अभियंता मागेंद्र कुमार अग्रवाल लोगों के फोन उठाते रहे। उन्होंने नए खंभे लगवाकर जल्द विद्युत आपूर्ति चालू कराने का आश्वासन भी लोगों को दिया।