आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की चल रही ट्राएज ओपीडी में हर रोज बुखार-खांसी के करीब 280 मरीज आ रहे हैं। इनमें संदिग्धों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है, इसमें करीब 10-15 की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। यह संख्या जिले में मिलने वाले कुल मरीजों की करीब आधी है।
एसएन ट्राएज ओपीडी में रोजाना करीब 180 मरीज आ रहे हैं। इसमें से जुकाम, खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों की स्क्रीनिंग करने पर 40 से 50 संदिग्ध प्रतीत होते हैं। इनकी कोरोना जांच कराने पर आठ से दस की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। यही हाल जिला अस्पताल का है, यहां जुकाम-खांसी की ओपीडी में 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं, इनमें संदिग्धों की जांच कराने पर पांच से आठ संक्रमित मिल रहे हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के ट्राएज ओपीडी प्रभारी डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि स्क्रीनिंग में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों में संक्रमण ज्यादा पाया गया। मरीज से पता चला कि उसे यह लक्षण चार से पांच दिन से अधिक हो गए हैं।
सतर्कता: तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत तो तत्काल दिखाएं
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि बुखार, खांसी और गले में खराश भले ही सामान्य हो, लेकिन चिकित्सक को जरूर दिखाएं, इससे उसकी स्क्रीनिंग होने पर जांच हो सके। इससे शुरुआत में ही संक्रमण का पता चल जाएगा और इलाज शुरू हो सकेगा। लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थिति गंभीर हो जाती है।
सुविधा: कोरोना की जांच से न घबराएं, इलाज हुआ आसान
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि लोग लक्षण होने पर भी लापरवाही बरतते हैं। जांच से घबराएं नहीं, पहले के मुकाबले इलाज और सुविधाएं बेहतर हुईं हैं। बिना लक्षण वाले मरीज अब घर पर रहकर इलाज करा सकते हैं। इनके लिए होम आइसोलेशन की सुविधा है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए एसएन में मशीनें और इंजेक्शन भी आ गए हैं। प्राचार्य ने बताया कि अब ट्राएज ओपीडी में आने वाले हर संदिग्ध मरीज कोरोना जांच कराई जा रही है।