उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल के पर्यटन को दशहरा की छुट्टियों ने पंख लगा दिए। शनिवार को 50 हजार से ज्यादा सैलानी ताजमहल का दीदार करने के लिए पहुंचे। इनमें 5200 से ज्यादा विदेशी सैलानी शामिल हैं। अक्तूबर से शुरू हुए पर्यटन सीजन की रफ्तार बढ़ाने में दशहरा का पर्व मददगार साबित हुआ। शनिवार को शहर के होटल, रेस्टोरेंट पूरी तरह से फुल रहे। रविवार को भी इससे ज्यादा पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के टिकट काउंटर से शनिवार को 37105 टिकटों की बिक्री हुई। इनमें से 5200 से ज्यादा विदेशी सैलानी हैं। 15 वर्ष से कम उम्र के लिए ताजमहल समेत स्मारकों में निशुल्क प्रवेश रहता है। ऐसे में शनिवार को ताज पर 50 हजार सैलानियों से ज्यादा पहुंचे। खासकर दोपहर 12 बजे के बाद तो सैलाब सा उमड़ पड़ा, जो शाम को गेट बंद होने तक बरकरार रहा।
ताज के मुख्य गुंबद पर शाहजहां मुमताज की कब्र देखने के लिए 6600 से ज्यादा पर्यटकों ने 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट खरीदा। इनमें अधिकांश विदेशी पर्यटक थे। भीड़ के कारण ताजमहल पर शू कवर, पानी और गोल्फ कार्ट के लिए पर्यटकों की परेशानी बढ़ गई। वहीं प्रवेश के लिए लगी कतार में आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
भीड़ बढ़ी तो अव्यवस्थाएं हावी
ताजमहल पर भीड़ बढ़ी तो अव्यवस्थाएं भी हावी हो गईं। शनिवार को बंगलूरू निवासी गुलाम अहमद रजा और उनके बड़े भाई सैफ सरवर ने ताजमहल के पश्चिमी गेट लॉकर में काले रंग के दो हैंड बैग जमा कराये थे। लॉकर नंबर 97 में उन्हें पर्ची नंबर 000605 दी गई।
छोटेलाल और उसके सहयोगियों भोला व कमल लॉकर रूम में तैनात थे। दोपहर में ताज देखने के बाद जब वह बैग लेने पहुंचे तो छोटेलाल ने पल्ला झाड़ लिया और बैग की जानकारी न होने की बात कही। इस पर गुलाम अहमद रजा ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने लॉकर रूम के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच के लिए कहा है।