उत्तर प्रदेश के आगरा में बजरंग नगर की तरह शहर में राजीव नगर, आदेश नगर, सोहल्ला, देवरी रोड, शाहगंज, दयालबाग, ट्रांस यमुना कॉलोनी, ग्वालियर रोड पर 40 से ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र अवैध रूप से चल रहे हैं। यह सिर्फ नाम के नशा मुक्ति केंद्र है। मरीजों के लिए यह यातना गृह सरीखे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दो की जांच की तो मरीजों की पिटाई, दवाएं, खाना न देने का खुलासा मरीजों ने रोते हुए किए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि नशे के मरीजों को निजी नशा मुक्ति केंद्र की जगह एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए जाना चाहिए। यहां निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। इसी तरह मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भी निशुल्क इलाज होता है। बताया कि नशा मुक्ति केंद्रों पर छापे के बाद भर्ती मरीजों को ले जाने के लिए परिजन से कहा गया था। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी कि कितने मरीज अब तक जा चुके हैं।