मंदिर के साक्ष्यों को नष्ट करने संबंधी दिया है प्रार्थना पत्र
करीब दो वर्ष से श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण पर चल रहे वादों में वादकारियों ने कई बार अदालत में प्रार्थना पत्र दिए हैं। अदालत में ठाकुर केशवदेव पक्ष के वादकारी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी द्वारा 7 जनवरी 2021 को सिविल जज सीनियर डिवीजन में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें उन्होंने दावा किया कि ईदगाह पक्ष के लोग ईदगाह की दीवारों पर मौजूद उन साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया कि ईदगाह की दीवारों पर कमल, ओम, स्वास्तिक और चक्र बने हुए हैं। ये वही चिह्न हैं जो कि ठाकुर केशवराय मंदिर की दीवारों पर थे। उन्होंने बताया कि 1862 से लेकर 1865 तक आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डायरेक्टर एलेक्जेंडर कर्निंघम ने खुदाई भी कराई गई थी। जिसमें हिंदू विग्रह प्राप्त हुए हैं। उन्होंने मांग की थी इन सभी प्रतीकों के संरक्षण के लिए ईदगाह में सुरक्षा अधिकारी नामित किया जाए।
वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा अदालत में इस प्रकार का प्रार्थना पत्र दिया गया था कि ईदगाह की दीवारों पर जो मंदिर के चिह्न मौजूद हैं, उन साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाया जाए। हमें इस बात की अनुमति दी जाए कि हम इन साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिदिन ईदगाह में जा सकें।