आगरा के सबसे हरे-भरे और शांत वातावरण वाले दयालबाग में प्रदूषण का स्तर संजय प्लेस से ज्यादा है। हर किसी को चौंकाने वाली यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के आंकड़े बता रहे हैं।
शहर के सबसे व्यस्त कॉमर्शियल क्षेत्र और हजारों वाहनों के जाम से जूझने वाले संजय प्लेस की हवा दयालबाग से बेहतर बताई जा रही है। शुक्रवार को दयालबाग का एक्यूआई 206, जबकि संजय प्लेस का 201 दर्ज किया गया। हालांकि आगरा स्मार्ट सिटी के उसी जगह से महज 10 फीट दूरी पर लगे उपकरण में संजय प्लेस का एक्यूआई 402 दर्ज किया गया, जो यूपीपीसीबी के आंकड़े से ठीक दोगुना है।
दयालबाग में प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की छत पर ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग स्टेशन लगा है, जो हरे-भरे क्षेत्र में है और वाहनों का आवागमन भी यहां कम है। दूसरी तरफ संजय प्लेस मॉनिटरिंग स्टेशन नगर निगम की छत पर लगा है। इसके आंकड़े कम करने के लिए यहां पानी का छिड़काव किया जा रहा था। यह मामला सामने आने के बाद ही प्रदूषण के आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में शुक्रवार को आगरा का एक्यूआई 188 दर्ज किया गया। शहर में लगे 6 ऑटोमेटिक स्टेशनों में से 3 में हवा की गुणवत्ता खराब बताई गई। तीन स्टेशनों पर एक्यूआई 200 के पार दर्ज किया गया, जबकि अन्य तीन में यह मध्यम दर्जे की रही।
रोहता बेहतर, शाहजहां पार्क में ज्यादा प्रदूषण
पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने एक्यूआई के खेल में हैरतअंगेज आंकड़ों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ताजमहल के पास बेहद हरियाली वाले शाहजहां पार्क के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं, जहां का एक्यूआई नेशनल हाईवे और हजारों ट्रकों के निकलने वाले क्षेत्र रोहता से ज्यादा है। जबकि शाहजहां पार्क में जिस जगह स्टेशन लगा है, वहां वाहनों का आवागमन ही नहीं है। शाहजहां पार्क में एक्यूआई 179 दर्ज किया गया। दूसरी तरफ रोहता में सिर्फ 129 एक्यूआई है, जबकि यहां इनर रिंग रोड समेत कई निर्माण जारी हैं।
सरकारी आंकड़ों में प्रदूषण
क्षेत्र एक्यूआई
मनोहरपुर 206
शास्त्रीपुरम 206
संजय पलेस 201
आवास विकास 182
रोहता 129
शाहजहां पार्क 179
नौ जगह एक्यूआई 400 के पार पहुंचा
सरकारी उपकरणों में प्रदूषण का स्तर 200 के आसपास है, लेकिन आगरा स्मार्ट सिटी के पर्यावरण सेंसर और उपकरणों में शहर में 9 जगह ऐसी हैं, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है। अन्य जगहों पर यह 300 से 400 के बीच में है। दूसरी तरफ केंद्रीय और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों में सबसे ज्यादा एक्यूआई 206 तक ही पहुंचा है।
आंकड़ों की जांच हो
पर्यावरणविद डाॅ. संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जहां से हजारों ट्रक, वाहन निकलते हों, उन जगहों की हवा अच्छी और हरियाली वाली जगहों की खराब हो, ऐसा नहीं हो सकता। इन आंकड़ों की जांच की जाए। एक्यूआई से कोई जानबूझकर छेड़छाड़ कर रहा है। टीटीजेड चेयरमैन को इसकी जांच करानी चाहिए।
स्मार्ट सिटी की रिपोर्ट में प्रदूषण
सेंटर एक्यूआई
नगर निगम 402
सुल्तानपुरा 419
शाहगंज चौराहा 498
श्मशान घाट 409
राजेश्वर मंदिर 423
कलाकृति 414
धूलियागंज 408
पुरानी मंडी 406
चीलघर 403
सिकंदरा 390
संजय टॉकीज 392
नामनेर 350
राजा मंडी 384
आईएसबीटी 391
जीपीओ 391