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मॉनसूनः अभी और भिगोएंगे बादल, जानिए आने वाले दिनों का मौसम का हाल

Sun, 22 Sep 2019 11:19 AM IST
Abhishek Saxena अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
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बारिश - फोटो : अमर उजाला
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मानसून के बादलों ने शनिवार को ताजनगरी के लोगों को जमकर भिगोया। दोपहर 12 बजे के बाद बादल ऐसे बरसे कि तीन बजे तक कभी तेज तो कभी रिमझिम भिगोते रहे।
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सितंबर के तीसरे सप्ताह में मानसून का यह मिजाज लोगों को चौंका गया, लेकिन मौसम विज्ञानियों के लिए यह सुखद संकेत है कि मानसून अभी लौटने वाला नहीं है।

सितंबर के आखिरी सप्ताह में भी बादल भिगोने के लिए तैयार हैं। अरब सागर से मिल रही ताकत के कारण मानसून सक्रिय रहेगा और इसकी विदाई अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में ही हो पाएगी। 

सितंबर में गर्मी, सर्दी और बारिश के जरिए मौसम विज्ञानियों को यह महीना हमेशा चौंकाता रहा है। सितंबर में सबसे गर्म दिन दो सितंबर 1979 रहा है जब पारा 41.4 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि सितंबर में औसत तापमान 33 डिग्री है।

सबसे सर्द दिन का रिकॉर्ड 6 सितंबर 1999 के नाम रहा है जब पारा 13 डिग्री पर आ गया। इसी तरह सबसे ज्यादा बारिश 286 मिमी महज एक ही दिन के अंदर 16 सितंबर 1939 को हो गई। यह रिकॉर्ड अब तक टूटे नहीं हैं।

पितृ पक्ष के दौरान आयोजित की जाने वाली रामलीला में महत्वपूर्ण आयोजन है जनकपुरी, जिसमें कई साल जनक महल बारिश में भीगा है। कमला नगर में हर बार जनक महल भीगा तो यही हाल जयपुर हाउस की जनकपुरी का रहा था। भारी बारिश के कारण रामलीला का मंचन भी सांकेतिक रूप से करना पड़ा। इस बार भी जनक महल ने जैसे ही आकार लिया, बारिश ने व्यवस्थाएं बिगाड़ दीं। 

जेपी गुप्ता, निदेशक, मौसम विभाग लखनऊ
सवाल: सितंबर में इन दिनों झमाझम बारिश की क्या वजह रही
जवाब: मानसून को अरब सागर से नम हवाएं मिल रही हैं। यहां लो प्रेशर एरिया विकसित हुआ जो उत्तर पश्चिम की ओर मुड़ा। उससे मिली नमी और पश्चिमी यूपी के ऊपर स्थानीय कारकों की गर्मी के कारण यह बारिश हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह रविवार को भी जारी रह सकती है।

सवाल: इन दिनों तक मानसून वापसी होने लगती थी, इस बार कब होगी ?
जवाब: यहां आधिकारिक रूप से 25 सितंबर के बाद ही मानसून वापसी की तारीख है, लेकिन इस बार यह अभी तक घोषित नहीं की गई। इस बार यह 5 से 10 अक्तूबर के बीच हो सकती है।

सवाल: क्या अक्तूबर तक बारिश के आसार हैं ?
जवाब: जी, अभी बारिश के बाद 27 से 30 सितंबर तक बंगाल की खाड़ी में दबाव के क्षेत्र बनने से बारिश हो सकती है। अक्तूबर में दो या तीन तारीख तक बूंदाबांदी संभव हैं, लेकिन पांच अक्तूबर से प्रदेश से मानसून की वापसी होने लगेगी जो दस अक्तूबर तक हो जाएगी।
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खेती के लिए फायदेमंद है ये बारिश 
खेतों में बाजरा, धान, अरहर, तिल की फसल खड़ी है। इस बारिश से इन फसलों को फायदा पहुंचेगा। खाली पड़े खेतों में बारिश का पानी अगली बुवाई के लिए नमी बनाएगा। -डॉ. राम प्रवेश वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
 
सितंबर में भी झमाझम बरसे बादल
साल    बारिश मिमी
2019    125.2 (अब तक)
2018    137.5
2017    78.1
2016    45
2015    23.9
2014    42.9
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