बंदरों ने ताजमहल यमुना किनारे की बुर्ज पर लगी पत्थर की जालीदार रेलिंग तोड़ दी है। शुक्रवार होने के कारण ताज में कोई सैलानी नहीं था। यमुना किनारे की उत्तर पश्चिमी बुर्ज की जाली और इसके पत्थर जर्जर हालत में पहले से ही हैं।
बंदरों द्वारा इससे पहले ताज में मेहमान खाने का पिनेकल और जालियों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। 370 साल पहले तामीर किए गए ताजमहल के यमुना किनारे के कई पत्थर जर्जर हालत में हैं।
उत्तर पश्चिमी बुर्ज की यमुना किनारे की ओर की लाल पत्थर की दो जालियां बंदरों ने तोड़ दीं। दशहरा घाट से बंदर उत्तर पूर्वी और पश्चिमी बुर्ज के जरिए अंदर प्रवेश करते हैं। इन जालियों पर झूलते हुए सुबह बंदरों ने जालियां तोड़ दीं।
फर्श पर गिरा पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में अब तक दो दर्जन से ज्यादा पर्यटक बंदरों और सांड के आतंक के शिकार हो चुके हैं। कई बच्चों को बंदर काट चुके हैं तो सांड कई सैलानियों को घायल कर चुके हैं।
एएसआई अधिकारी नगर निगम को बंदर पकड़ने के लिए पत्र भेज चुके हैं, लेकिन नगर निगम ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
ताज के गेट पर दो दर्जन सांड़ और 70 से ज्यादा बंदर लाखों सैलानियों के लिए खतरा बने हुए हैं। सैलानियों ने सोशल मीडिया और मंत्रालय की वेबसाइट पर बंदरों के आतंक की शिकायत कई बार की है।
सीसीटीवी की निगरानी में टिकट काउंटर
ताजमहल पर टिकटों की री-सेलिंग पर लगाम कसने के लिए अब सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। शुक्रवार को ताजमहल बंदी में पश्चिमी गेट पर सीसीटीवी लगाने काम शुरू हो गया।
सहेली बुर्ज में बने टिकट काउंटर के अंदर दो सीसीटीवी और बाहर तीन कैमरे लगाए जाएंगे। एक कैमरा पश्चिमी गेट पर टिकटों की चेकिंग करने वाले स्थान पर लगाया जाएगा।
जिससे टिकट स्कैन करने वालों की निगरानी रखी जा सके। इसी तरह पूर्वी गेट टिकट काउंटर पर भी दो कैमरे काउंटर के अंदर, तीन बाहर और एक गेट पर लगाने की व्यवस्था है।
दोनों ही गेटों पर छह-छह कैमरों का डिस्प्ले सर्किल आफिस और दिल्ली स्थित आफिस में कुछ अधिकारी सीधे देख सकेंगे। एएसआई के मुताबिक इससे टिकटों के हेरफेर, नगदी में गड़बड़ी और री-सेलिंग पर लगाम कसी जा सकेगी।
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