दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस भले ही कसर छोड़ दे, मगर इन दिनों मुख्यमंत्री के ‘काले ताज’ की देखरेख में एक दरोगा सहित चार सिपाही लगे हुए है। पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने रेत से इसे बनाया है। जैसे-जैसे सैंड की नमी कम हो रही है, ‘ताज’ का क्षरण शुरू हो गया है। इससे पुलिसकर्मियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बुधवार को ताज के गुंबद के कलश की रेत झड़ गई। इस पर ताजगंज थाने में काले ताज की शान में नेवले की गुस्ताखी का जिक्र करते हुए तस्करा (जनरल डायरी में सूचना लिखना) डाला गया।
बता दें, ताज खेमा में 14 फरवरी वेलेंटाइन डे को मुख्यमंत्री ने लवर्स बेंच का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री की फरमाइश पर ताज नेचर वॉक में पद्मश्री सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने यमुना की बालू और उड़ीसा से काली बालू मंगवाकर काले ताजमहल बनाया था। इसके पास ही मुमताज-शाहजहां के चेहरे की आकृति भी रेत पर बनाई थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो काले ताजमहल को जब तक संभव हो, सही सलामत रखे जाने के निर्देश अधिकारियों ने दिए थे। इस कारण ताजमहल चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार ही नहीं चार सिपाहियों की ड्यूटी भी वहां लगाई गई है। बंदराें और कुत्तों से भी रखवाली की जा रही है। मंगलवार को किसी वक्त काले ताज में नेवला घुस गया। उसे किसी तरह पुलिस ने बाहर निकाला, लेकिन उसकी उछलकूद से गुंबद के कलश की रेत झड़ गई। इसकी जानकारी पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को दी। ताजगंज थाने में चौकी इंचार्ज ने काले ताज की शान में नेवले की गुस्ताखी का जिक्र करते हुए तस्करा डाला है। गौरतलब है कि बालू में नमी खत्म होने पर रेत का ताजमहल ढह जाएगा।