गाय हिंदू भाइयों के लिए पूज्यनीय है तो उनकी धार्मिक भावनाओं का आदर करना चाहिए। गोहत्या धार्मिक और कानूनी अपराध है। इस तरह के कृत्य करने से देश में सांप्रदायिक माहौल खराब होता है। इस्लाम भी इसकी इजाजत नहीं देता। यह संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए मोहम्मद अहमद 10 लाख किमी की साइकिल यात्रा कर गुरुवार को आगरा पहुंचे। 14 साल पहले शुरू किए इस अभियान के प्रति उनका जज्बा 70 की उम्र में भी बरकरार है।
कुछ लोग गोकशी कर देश को दंगों की आग में झोंकने का काम करते हैं। वहीं, मोहम्मद अहमद गोहत्या रोकने का संदेश देने के लिए देश भ्रमण पर हैं। इस संवेदनशील मुद्दे को उठाकर देश में फैल रही नफरत को मिटाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि इस्लाम किसी भी मजहब की बेअदबी करने की इजाजत नहीं देता, तो फिर इस तरह के काम करने से कुछ लोग बाज क्यों नहीं आते। किसी की भावनाओं को ठेक पहुंचाकर खुद भी कभी खुश नहीं रहा जा सकता। बस इसी संदेश को देश के हिंदू-मुस्लिम भाइयों तक पहुंचाने निकला हूं। आतंकवाद, कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगे यह भी मेरा मकसद है। मेरे इस काम में आज तक किसी ने रोकटोक नहीं की। हालांकि यात्रा में परेशानियां भी बहुत आई हैं।
बेटा-बेटी ने बढ़ाया हौसला
मोहम्मद अहमद एक जनवरी 2000 को पीलीभीत से यात्रा पर निकले। गुरुवार तक वह 10,01,295 किमी की यात्रा पूरी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 1999 मेें ख्वाजा गरीब नमाज हजरत मुईनउद्दीन चिश्ती और साईं बाबा ने मानव कल्याण के लिए देश भ्रमण का हुक्म मिला। बेटा-बेटी ने हौसला बढ़ाया। साइकिल के 16 टायर ट्यूब बदलवा दिए। बताया कि मध्य प्रदेश में मेरा अनुभव ठीक नहीं रहा। कई दिनों तक मुझे भूखे ही यात्रा करनी पड़ी। पैसे नहीं थे, तो गुब्बारे बेचकर अपना पेट भरा। गुना में मेरे साथ लूट हो गई। अब उत्तराखंड के उद्यमपुर नगर के किच्छा पहुंचना है, जहां पर मेरा परिवार है। बेटे के साथ होटल में बैठूंगा।