आगरा। औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित कम्मू टोला की मोहन ट्रेडर्स की सील खोलकर गहन छानबीन की। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) आयुक्त के निर्देश पर जुलाई माह में इस फर्म पर सील लगाई गई थी। शनिवार शाम पहुंची टीम ने लगभग तीन घंटे तक दुकान के रिकॉर्ड खंगाले और कंप्यूटर में दर्ज खरीद-बिक्री के आंकड़ों का मिलान किया।
इस दौरान बुखार, खांसी, एलर्जी, त्वचा रोग, पेट रोग और मधुमेह से जुड़ी 14 दवाएं संदिग्ध पाए जाने पर उनके नमूने (सैंपल) लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। सहायक आयुक्त औषधि अरविंद गुप्ता ने बताया कि सील खोलकर जांच कराई गई है। संदिग्ध मिली 14 दवाओं की रिपोर्ट लैब से आने के बाद यदि मानक के विपरीत या फेल पाई जाती हैं, तो फर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि जुलाई में फव्वारा क्षेत्र में नकली व सरकारी दवाओं की बिक्री के मामलों की रोकथाम के लिए एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की अगुवाई में 60 से अधिक मेडिकल फर्मों पर छापे मारे गए थे। इसी के तहत मोहन ट्रेडर्स की भी जांच की गई थी। उस वक्त संचालक दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े वैध रिकॉर्ड या बिल पेश नहीं कर पाए थे। उनका तर्क था कि कंप्यूटर से डाटा डिलीट हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने दुकान को सील कर नोटिस जारी किया था। हाल ही में संचालक की ओर से खरीद-बिक्री के बिल उपलब्ध कराने के बाद विभाग ने सील खोलकर दस्तावेज का भौतिक सत्यापन किया है।