500 और 1000 के नोट बंदी के बाद से लोग अपने लोन की किश्त भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। शनिवार को माइक्रो फाइनेंस कंपनी का लोन लेने वाली सैकड़ों महिलाओं ने थाना हरीपर्वत का घेराव कर लिया। उनका कहना था कि उनके पास रकम नहीं है। पुराने नोट कर्मचारी नहीं ले रहे। केंद्र सरकार उनका लोन माफ करे। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो नारेबाजी कर दी। बाद में महिलाओं को जिलाधिकारी आफिस भेजा गया। हालांकि अधिकारियों के न मिलने पर सभी महिलाएं वापस लौट गईं।
शीतला गली, छिली ईंट, घटिया, चारसू गेट, पीर कल्याणी, चित्रा सिनेमा के पास की तकरीबन 200 से ज्यादा महिलाएं थाना हरीपर्वत आईं। महिलाओं ने संजय प्लेस और रामबाग स्थित एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लोन लिया है। किसी की एक हजार तो किसी 1500 तक किश्त जाती है। मगर, जब से नोटबंदी हुई है। वह किश्त अदा नहीं कर पा रही हैं। कर्मचारी रोजाना किश्त के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुराने नोट लेने से मना कर रहे हैं। किश्त न देने पर ज्यादा ब्याज लगाने की धमकी देते हैं। महिलाओं का कहना है कि रामबाग की कंपनी द्वारा केंद्र सरकार के आदेश पर लोन माफी की जानकारी मिली थी। इस पर उन्होंने मोदी जिंदाबाद के नारे भी लगाए। लोन माफी की मांग की और थाना हरीपर्वत पर हंगामा किया। पुलिस का कहना था कि मामले में जिलाधिकारी आफिस में प्रार्थना पत्र देने कहा गया है।
आधार कार्ड और आईडी लेने आए युवक को धुना
बेलनगंज की रीमा, जीवनी मंडी की सुनीता, राकेश बाबू, ऊषा देवी, महादेवी ने बताया कि उन्हें कंपनी के एक व्यक्ति ने शनिवार शाम को फोन करके पालीवाल पार्क बुलाया। कहा कि लोन माफ कर दिया जाएगा। इसके लिए अपने आधार कार्ड और वोटर कार्ड साथ लेकर आएं। इस पर बड़ी संख्या में महिलाएं आ गईं। एक युवक महिलाओं की आईडी कब्जे में लेने लगा। महिलाओं को उस पर शक हो गया। उन्होंने पूछताछ की तो युवक कुछ नहीं बता सका। इस पर हंगामा हो गया। महिलाओं ने युवक की पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बाद में महिलाओं थाने पर हंगामा किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि युवक खुद को मीडिया कर्मी बता रहा है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वह धोखे से आईडी लेना चाहता था।