साइबर अपराधी ने किरावली के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक के मोबाइल पर केवाईसी अपडेट करने के नाम पर एक एप डाउनलोड कराकर एटीएम की जानकारी ले ली। इसके बाद खाते से 1.53 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने बैंक अधिकारी और साइबर सेल में शिकायत की है।
किरावली निवासी नासिर हुसैन ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं। उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में है। एक महीने पहले खाते की केवाईसी अपडेट कराने के लिए आनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद उनके पास एक कॉल आया।
कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। कहा कि केवाईसी अपडेट करने के लिए एक एप डाउनलोड करना होगा। इस पर नासिर हुसैन ने एप डाउनलोड कर लिया। दोबारा कॉल करके कहा कि अब एटीएम कार्ड की जानकारी पेटीएम एप में भर दो।
ऐसा करते ही नासिर हुसैन के खाते से 1.53 लाख रुपये निकल गए। मैसेज आने पर उन्हें जानकारी हुई तो उन्होंने खाता ब्लाक कराया। इसके बाद बैंक से शिकायत की। मामले में साइबर सेल में भी प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस जांच कर रही है।
जमा करते ही खाते से निकली रकम, बैंक ने नहीं की सुनवाई
बोदला के दुकानदार महेंद्र सिंह के खाते में रकम जमा करने के कुछ देर बाद ही 14 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित का आरोप है कि बैंक में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मंगलवार को साइबर सेल में शिकायती पत्र दिया।
नागर बस्ती, बोदला निवासी महेंद्र सिंह का खाता बैंक आफ बड़ौदा की शाखा में हैं। महेंद्र ने बताया कि 11 जनवरी को खाते में कारगिल स्थित बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम से 14 हजार रुपये जमा किए थे। शाम को एकाउंट से रुपये निकालने एटीएम पर आए। खाते में 365 रुपये ही बचे थे। बाकी रकम दो बार में निकल गई। इस पर बैंक में शिकायत की। मगर, बैंक कर्मियों ने सुनवाई नहीं की। उनसे मुकदमे की कापी लाने के लिए बोल दिया।
फोन पर बताए एप को डाउनलोड नहीं करें
साइबर सेल एक्सपर्ट के मुताबिक, किसी के कहने पर कभी कोई एप डाउनलोड नहीं करना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले अंजान लिंक पर भी क्लिक न करें। दो, तीन, पांच और दस रुपये जमा करने के लिए कहता है तो लिंक को खोले नहीं।
लिंक से खुलने वाले पेज पर भरी गई गोपनीय, निजी, बैंक संबंधी, ओटीपी, पासवर्ड, सीवीवी, पिन, यूपीआई पिन आदि की जानकारी धोखाधड़ी करने वाले के पास चली जाती है। इसके बाद वह खाते से गलत तरीके से पैसा निकाल जा सकता है। फोन पर पेटीएम की केवाईसी अपडेट करने वाले पर भरोसा नहीं करें। पेटीएम एप के अंदर ही सभी सुविधाएं खुद ब खुद मिल जाती हैं।