सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के समधी और सिरसागंज विधायक हरिओम यादव ने जानलेवा हमले की साजिश के आरोप में न्यायालय में सोमवार को सरेंडर कर दिया। अपर जिला जज प्रथम आरपी सिंह ने अंतरिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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विधायक हरिओम यादव को जेल जाना पड़ा। मामले की सुनवाई 15 मार्च को होगी। विधायक पुत्र विजय प्रताप उर्फ छोटू के खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
शिकोहाबाद के गांव भांड़री निवासी राजीव यादव उर्फ वाले ने नौ अक्तूबर 2015 को अभियोग दर्ज कराया था मुझे जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने से रोकने के लिए ही विधायक सिरसागंज हरिओम यादव उनके बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू ने साजिश के तहत मेरे घर पर ही हमला कराया है।
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विधायक हरिओम यादव
- फोटो : अमर उजाला
इसमें मेरे ताऊ रमेशचंद्र बोहरे पर जानलेना हमला किया। इनके अलावा भांडरी के निवासी प्रशांत कुमार उर्फ लाला, दिनेश कुमार, विजयपाल उर्फ छोटे, सत्यप्रकाश और नगला मीर निवासी सुरेंद्र को नामजद किया था।
पुलिस जांच में छह लोगों के नाम निकाल ही दिए थे। जबकि विजय पाल उर्फ छोटे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायालय ने 319 के तहत सिरसागंज के विधायक हरिओम यादव ,उनके बेटे विजय प्रताप सहित सभी छह को तलब किया था।
इसके खिलाफ विधायक सिरसागंज ने हाईकोर्ट में अपील की थी। लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट तक दौड़ भी लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सात दिन में न्यायालय में ही हाजिर होने के आदेश दिए थे।
जाना पड़ गया जेल
court
सोमवार को विधायक सादगी से न्यायालय पहुंचे और अपर जिला जज प्रथम के यहां खुद सरेंडर किया। उनकी ओर से अधिवक्ताओं ने विधानसभा सत्र के चलने के कारण अंतरिम जमानत की अर्जी जिला जज के यहां लगाई।
जिला जज ने सुनवाई के लिए अपर जिला जज आरपी सिंह के न्यायालय के स्थानांतरित की। अपर जिला जज आरपी सिंह ने अंतरिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। इसके साथ विधायक सिरसागंज हरिओम यादव को जेल जाना पड़ा।
इधर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद आरिफ खान ने बताया विधायक हरिओम यादव की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज की। 15 मार्च को सुनवाई होगी। विधायक पुत्र के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
सरेंडर किए जाने के दौरान कोर्ट में काफी समर्थक पहुंचना शुरू हो गए थे। पूर्व चेयरमैन राकेश दिवाकर, राजनरायन गुप्ता, प्रदीप सिंह, गुलाब सिंह प्रधान, राकेश तिवारी के साथ प्रधान भी पहुंचे।
विधायक हरिओम यादव ने कहा कि राजनीतिक षडयंत्र के तहत वर्ष 2015 में जिला पंचायत चुनाव के दौरान मेरे और मेरे पुत्र विजय प्रताप छोटू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे में एफआर लग गई लेकिन राजनीतिक साजिशों के तहत ही पुन: फाइल खोली गई। पूरी साजिश के पीछे सिरसागंज के पराजित भाजपा के प्रत्याशी हैं।