केंद्रीय हिंदी संस्थान में बीटीसी प्रवीण द्वितीय वर्ष की छात्रा छवि लापता हो गई है। वह छुट्टी लेकर ओडिसा अपने घर जाने की कहकर निकली थी। मगर, घर नहीं पहुंचने पर परिवारीजन सोमवार को आगरा आ गए। संस्थान प्रशासन की ओर से घरवालों को छुट्टी देते वक्त कोई सूचना नहीं दी गई। इस पर परिवारीजनों ने हंगामा किया। उन्हें किसी तरह शांत कराया। छात्रा के भाई ने थाना न्यू आगरा में गुमशुदगी दर्ज कराई है।
छवि ओडिसा के बरगढ़ स्थित गांव मड़ी की रहने वाली है। वह दो साल से केंद्रीय हिंदी संस्थान से बीटीसी प्रवीण की पढ़ाई कर रही है। हास्टल में रह रही थी। पुलिस के मुताबिक, छात्रा ने संस्थान प्रशासन को बताया कि उसे चिकनपाक्स हो गया है। इसके चलते उसे दस दिन की छुट्टी पर घर जाना है। 17 जनवरी को वह घर जाने के लिए निकली थी। उसको 28 जनवरी को संस्थान में लौटना था। इधर, परिवारीजनों का कहना है कि जब छवि से बात करने के लिए फोन किया तो वह स्विच आफ आया। कई बार फोन मिलाने पर भी नहीं लगा तो छवि के कमरे में रहने वाली छात्रा से फोन पर बात की। पता चला कि छवि छुट्टी लेकर घर के लिए निकली है। छवि के साथ अनहोनी की आशंका पर उसका भाई सुशांत सहित अन्य परिवारीजन सोमवार को आगरा आ गए। सुशांत ने संस्थान के वार्डन सहित अधिकारियों से बात की लेकिन उचित जवाब नहीं मिला। इस पर परिवारीजनों ने हंगामा कर दिया। अन्य छात्राओं ने संस्थान की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस छात्रा के भाई को थाने ले आई। यहां उसने छवि की गुमशुदगी दर्ज कराई। इंस्पेक्टर का कहना है कि छात्रा की सहेलियों और अन्य लोगों से पूछताछ की जाएगी।
परिवारीजनों को फोन पर नहीं दी सूचना
इस मामले में संस्थान की लापरवाही भी सामने आई है। संस्थान के पास विद्यार्थियों के अभिभावकों का फोन नंबर होता है। छात्रा को छुट्टी देने के बाद उनके अभिभावकों को भी सूचना दी जानी चाहिए। इसके अलावा जो अभिभावक छात्रा को लेने आएगा, उसको आधिकारिक पत्र भी साथ लाना होता है। मगर, छात्रा के परिवारीजनों को सूचना नहीं दी गई। इतना ही नहीं छात्रा के पास एक युवक आया था। उसने भाई के रूप में अपनी एंट्री कराई है। उसका परिचय पत्र या फिर अन्य विवरण दर्ज तक नहीं किया।
हास्टल में घुस गए थे बाहरी तत्व
बीते सप्ताह महिला छात्रावास में देर रात हंगामा हुआ था। यहां हास्टल में बाहरी तत्व घुस गए थे। छात्राओं ने इसकी शिकायत संस्थान प्रशासन से भी की थी। शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और नहीं इसकी शिकायत पुलिस से की गई।
मामले को दबाने का किया प्रयास
छात्रा के गायब होने के मामले को संस्थान प्रशासन ने दबाने का कार्य किया। फोन पर परिवारीजनों को सूचना मिलने के बाद अधिकारियों से वार्ता की, इसके बाद भी संस्थान हरकत में नहीं आया।
- छात्रा 28 जनवरी तक छुट्टी लेकर गई है, अभी में संस्थान से बाहर हूं, अधिक जानकारी देने में सक्षम नहीं हूं।
प्रो. नंदकिशोर पांडे, निदेशक
छात्रा को चिकनपॉक्स हो गया था, रजिस्टर में दर्ज फोन नहीं मिला था। छात्रा ने खुद अपने फोन से ये कहकर बात कराई कि ये उनके परिवारीजनों का है। उनसे बात कर ही छुट्टी दी गई।
डा. वीना शर्मा, कुलसचिव