आगरा में गजक व्यापारी दौलतराम के बेटे रिषभ पर चांदी खरीद का लाखों रुपये का कर्ज हो गया था। बकाएदार चक्कर लगा रहे थे। इससे परेशान होकर वह गुवाहाटी चला गया था। यह पुलिस की जांच में सामने आया है।
पुष्पांजलि एक्सटेंशन, हरीपर्वत निवासी रिषभ पुत्र दौलतराम सात फरवरी को कोतवाली स्थित अपने पुराने मकान के पास से लापता हो गए थे। काफी तलाश करने पर भी पता नहीं चलने पर घरवालों ने थाना छत्ता में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू कर दी थी। इसी बीच मंगलवार को रिषभ घर पहुंच गया। इसकी जानकारी पर पुलिस ने पूछताछ की।
थाना प्रभारी ने बताया कि दरेसी पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिषभ नजर आ रहा था। उसके कान पर मोबाइल लगा था। उसकी अंतिम लोकेशन एत्मादपुर में कुबेरपुर की आई। रिषभ पिछले छह महीने से परेशान था।
उस पर काफी कर्ज हो गया था। उस पर एक व्यापारी की 13 किलोग्राम चांदी के रुपये थे, जबकि एक की पांच किलोग्राम चांदी की रकम चुकानी थी। इसके अलावा दो और व्यापारियों के एक लाख रुपये थे। वह तगादा कर रहे थे।
उन्हें बताया था कि नौ दिन का मौन व्रत रखा है। इसलिए फोन पर बात नहीं करूंगा। व्हाट्स एप और मैसेज से बात करता था। पुलिस ने चैटिंग के प्रिंट निकलवा लिए हैं। सात फरवरी को लोगों को रकम देने का वादा किया था। इस पर वह अपनी मर्जी से चला गया। उसने टूंडला से गोवाहाटी की ट्रेन पकड़ी। यहां कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वापस आ गया।