शारदा मैराथन के तहत तीसरा पाइंट शाहजहां पार्क में निर्धारित किया गया था। यहां से स्टेडियम तक करीब छह किलोमीटर की दौड़ थी। इसमें अधिकांश स्कूली बच्चे शामिल थे। यहां अचानक अव्यवस्था फैल गई जिससे आयोजकों के साथ बाहर खड़े अभिभावकों के भी होश उड़ गए। दौड़ शुरू होने पर कई बच्चे भगदड़ की चपेट में आकर गिर गए और घायल हो गए। इन बच्चों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया।
शाहजहां पार्क में धावकों को सुबह साढ़े छह बजे बुलाया गया था। दौड़ का शुभारंभ यहां से 8:30 बजे होना था। तमाम बच्चे काफी देर से लाइनों बैठे थे और आठ बजे तक बच्चों को आना जारी था। यहां बैठे धावक परेशान होने लगे और करीब आठ बजे उनका धैर्य जवाब देने लगा। वे खड़े हो गए। आगे वाले खड़े हुए तो पीछे वालों को लगा कि रेस शुरू हो गई। इससे वहां धक्का मुक्की होने लगी। अव्यवस्था फैलते देख आयोजकों ने मंच से कई बार एलान किया अभी दौड़ शुरू होने में समय है। धावक अपने स्थान पर बैठ जाएं लेकिन वे नहीं माने और प्रतिबंधों को तोड़कर आगे बढ़ गए। तुरंत पुलिस को बुलाया गया और पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत किया। इस दौरान बाहर खड़े अभिभावक भी परेशान होते रहे। मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री राम शंकर कठेरिया, मेयर इंद्रजीत आर्य, डा. आरसी मिश्रा, डा. संदीप अग्रवाल आदि का स्वागत कार्यक्रम चल रहा था कि बच्चों ने बिना झंडी दिखाए ही दौड़ की तैयारी कर ली। आनन फानन में गेट खोला गया और बच्चों ने दौड़ लगा दी। इससे भगदड़ मच गई और कई बच्चे गिर पड़े। पीछे आ रहे धावक उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गए। पुलिस कर्मियों ने बीच में कूदकर बच्चों को बाहर निकाला और तुरंत एंबुलेंस के अस्पताल भेजा गया।