मथुरा में बदमाशों ने 20 नवंबर को जीएलए विश्वविद्यालय के पास चाचा-भतीजे को अगवा कर बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने दिल्ली में नौ लाख रुपये की फिरौती वसूलने के सात घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया।
वारदात के बाद इंदौर निवासी चाचा-भतीजा ने मंगलवार को एसएसपी से मिलकर आपबीती बताई। दोनों लोग यहां इंदौर से स्क्रैप खरीदने आए थे। उन्होंने मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई है।
मध्य-प्रदेश के इंदौर में 20 बजरंग नगर निवासी नील जैन पुत्र अनिल जैन कॉपर स्क्रैप खरीदने के लिए इंडिया मार्ट और ट्रेड इंडिया पर ऑनलाइन डिमांड डाली। कोसीकलां के विशाल जैन नामक व्यक्ति ने स्क्रैप होने की बात कही।
जीएलए विवि के पास से हुए अगवा
20 नवंबर को नील जैन अपने चाचा मनीष कोरे पुत्र गोकुल मोरे निवासी 70 ए बसंत बिहार कॉलोनी, इंदौर के साथ आ गए। मोबाइल से विशाल से बात की तो पहले गोवर्धन चौराहे पर बुलाया। इसके बाद जीएलए विवि के पास बुलाने पर चाचा-भतीजा वहां पहुंचे।
आरोप है कि कार सवार लोगों ने दोनों को अगवा कर कार में बैठा लिया। एक घंटे बाद जंगल में एक घर के पास जाकर कार रुकी। यहां पर उनके तीन साथियों ने मोबाइल और पहचान पत्र सब छीन लिए।
उसके बाद बदमाशों ने दोनों के परिजनों से मोबाइल से बात करके नौ लाख रुपये की फिरौती मांगी। यह फिरौती दिल्ली में वसूली गई। उसी दिन बंधनमुक्त होने के बाद दोनों इंदौर चले गए। यहां पर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
बाद में इंदौर पुलिस ने मथुरा में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। मंगलवार को चाचा-भतीजा मथुरा एसएसपी शलभ माथुर के कार्यालय पहुंचे। एसएसपी ने आश्वस्त किया कि जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों को गिरफ्तार किया जाएगा।
दिल्ली में ली गई फिरौती
मनीष कोरे के अनुसार नौ लाख रुपये की फिरौती दिल्ली में वसूली गई है। उनके भाई अमोल मोरे, नील के पिता अनिल जैन और भाई निखिल जैन ने यह फिरौती दी है। इसमें मनीष का पांच लाख रुपया और नील को चार लाख रुपया है।