सामने आए ये मामले
तहसील क्षेत्र के ही गांव मरसेना से जुड़ा है। गांव के रूपराम की बेटी अभी कक्षा आठ की छात्रा है और आधार कार्ड में उसकी उम्र 13 वर्ष है। उसकी शादी पप्पू पुत्र राधेश्याम निवासी बिचपुरी एटा के साथ करा दी गई। शादी के बाद दहेज के रूप में जरूरत का सामान दिया गया था।
तीसरा मामला भी इसी गांव का है। गांव के शंभूदयाल की बेटी भावना की शादी इसी वर्ष 24 मई को हो चुकी है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में इसकी दोबारा से शादी करा दी गई और दहेज का सामान भी दे दिया गया।
चौथा मामला गांव मरसेना के अमर सिंह की 18 वर्षीय बेटी राखी का विवाह रंजीत कुमार निवासी मेडू हाथरस के साथ सामूहिक विवाह संपन्न होने वालों की लिस्ट में है, लेकिन हकीकत में उसके फेरे ही नहीं हुए। रंजीत मंडप से भाग गया। उसने बताया कि गलत तरीके से उसका नाम लिखा दिया था। उसे इस तरह शादी नहीं करनी।
हमसे नहीं ली जानकारी
सामूहिक विवाह समारोह में हमें शामिल नहीं किया गया। न ही हमसे उक्त परिवारों की कोई जानकारी ली गई। अधिकारियों ने अपने स्तर से लिस्ट तैयार कर विवाह कराए हैं। -दुर्गेश शर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मरसेना
संज्ञान में आया है मामला
भाई-बहन की शादी का मामला संज्ञान में आया था, लेकिन जो मामला बताया जा रहा था वह हमारे यहां रजिस्टर्ड नहीं है। न ही उन्हें कोई सामान दिया गया है। दूसरी लड़की की उम्र की जांच कराई जा रही है। दूसरे गांव के मामले की भी जांच कराई जाएगी।
- नरेश कुमार, खंड विकास अधिकारी, टूंडला
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