गुरुवार शाम बालिका घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। परिजन ने मलपुरा पुलिस को सूचना दी। शुक्रवार की सुबह दक्षिणी बाईपास के पास झाड़ियों में बंद बोरे में बालिका का शव मिला था। ग्रामीणों ने वारदात के विरोध में दक्षिणी बाईपास पर चार घंटे तक जाम भी लगाया। बालिका के मुंह में नमकीन का पाउच और कागज ठूंसा गया था। गला दबाकर उसकी हत्या की गई थी। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए पांच टीमें लगी थीं।
पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। बालिका आखिरी बार जिस कैमरे में कैद हुई थी उसमें बालिका के पीछे गांव का 17 साल का किशोर दिखा। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। उसने झूठ बोला। मानने को तैयार नहीं था कि शाम को बालिका उसे मिली थी। फुटेज दिखाने पर हत्या की बात कबूल की। मगर, वजह नहीं बता रहा है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्य संकलित करने में जुटी है।
कमीज में छिपाकर लाया था बोरा
पुलिस अनुमान लगा रही है कि हत्या की दो वजहों में से कोई एक वजह है। बालिका ने कुछ ऐसा देख लिया था, जिसका खुलासा आरोपी को मुसीबत में डाल देता। इसी वजह से उसने बालिका को मार डाला। यदि यह वजह नहीं है तो बालिका को उसने गलत नीयत से पकड़ा होगा। हालांकि यह वजह होने की पुलिस को कम ही संभावना है। आरोपी अपनी कमीज के अंदर बोरा छिपाकर लाया था। इससे लगता है उसने पहले से ही हत्या करने की सोच रखी थी। डीसीपी सिटी ने बताया कि रविवार को हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।