वृंदावन की गौरानगर कॉलोनी में एक किशोर ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पड़ोसियों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
गौरानगर कॉलोनी निवासी विजय विश्वास और उनकी पत्नी अंजू पांच दिन से बंगलूरू गए हुए हैं। घर पर उनका 15 वर्षीय बेटा विभाष विश्वास उर्फ दामोदर अकेला था। दामोदर घर में हर शाम काफी देर तक ठाकुरजी की आरती करता था। लेकिन शुक्रवार की शाम पड़ोसियों ने आरती की आवाज नहीं सुनी।
इसके बाद दामोदर भी लोगों को नहीं दिखा। इससे लोगों ने जब दरवाजा खटखटाया तो अंदर से किसी ने जवाब नहीं दिया। अनहोनी की आशंका पर पड़ोसी मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए तो देखा कि ऊपरी मंजिल पर बने लोहे के जाल पर दामोदर का शव साड़ी से बने फंदे से लटका हुआ था।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवाया। माता-पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस के अनुसार मृतक की मां गंभीर बीमारी से ग्रसित है और पिता उपचार के लिए बंगलूरू लेकर गए हैं। पड़ोसियों की मानें तो दामोदर ने एक साल पहले भी चूहे मारने वाली दवा खाई थी।