उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हृदय, मधुमेह, दिमागी बुखार, कुपोषण समेत तमाम बीमारियों के इलाज के लिए नई खोज की जरूरत है। उन्होंने चिकित्सकों को एथिकल एटीट्यूड पर जोर देते हुए समाज के प्रति और अधिक संवेदनशील होना चाहिए।
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित केएनसीसी होटल में आयोजित एपिकॉन-2020 में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई में एकरूपता लाने के लिए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2.20 लाख डॉक्टरों की दरकार है और 65 हजार ही हैं। 1.55 लाख डॉक्टरों की कमी है। इसे पूरा करने के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोले हैं। आयुष्मान योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसमें केंद्र सरकार 60 फीसदी और प्रदेश सरकार 40 फीसदी भुगतान कर रही है।