आगरा/एटा। फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में गंगाजल की आपूर्ति के लिए एटा के बड़ेरा में बन रहे 456 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया। मंत्री ने निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। निर्माण एजेंसियों को हर हाल में काम मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया।
मंत्री ने आगरा और फिरोजाबाद तक गंगाजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइनाें को डालने के बाद सड़कों को चलने लायक बनाने और टेस्टिंग के बाद उन्हें पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए। दरअसल, इस परियोजना के जरिये फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र में आने वाले बाह, आगरा ग्रामीण, खेरागढ़, फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्रों के अलावा फिरोजाबाद और एटा में गंगाजल की आपूर्ति होनी है। काम तो शुरू हुआ लेकिन बजट की कमी के नाम पर एजेंसियों की रफ्तार धीमी हो गई।
सोमवार को जब केंद्रीय मंत्री पटेल ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर के साथ औचक निरीक्षण के बाद काम की समीक्षा की तो असलियत सामने आ गई। दो हिस्सों में हो रहे काम के दाैरान पानी वितरण के लिए बनने वाले ओवरहेड टैंक व पाइप बिछाने का काम 50 फीसदी भी पूरा नहीं मिला। नाराज मंत्री ने अफसरों को सख्त हिदायत देने के साथ ही निर्माण में जुटी मेसर्स एनसीसी-एपको जेवी और मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
दोनों ही एजेंसियों को हर हाल में मार्च 2026 तक काम पूरा कर पानी वितरण शुरू करने को कहा। इस दाैरान पेमेंट में होने वाली देरी का विषय उठने पर मंत्री ने कहा कि केंद्र से जितना बजट चाहिए, मिल जाएगा लेकिन उसके लिए काम करने के बाद निर्धारित प्रारूप में यूटिलाजेशन सर्टिफिकेट देना होगा। वहीं, प्रो. बघेल और राजकुमार चाहर के पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की खस्ता हालत की शिकायत की। मंत्री ने सड़कों के पुनर्स्थापन में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। सड़क मरम्मत का कार्य मानकों के अनुरूप करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के कारण आमजन को असुविधा नहीं होनी चाहिए। इस दाैरान संबंधित अधिकारी माैजूद रहे।
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प्रो. बघेल ने पेयजल समस्या का मुद्दा उठाया
समीक्षा के दाैरान प्रो. बघेल ने आगरा लोकसभा क्षेत्र में आने वाले एटा के जलेसर विधानसभा क्षेत्र के परियोजना में शामिल न होने का मुद्दा उठाया। बताया कि परियोजना से क्षेत्र के गांव और सड़कें खुद रही हैं। इसी क्षेत्र से पाइपलाइनें जाएंगी और क्षेत्र के लोगों को ही गंगाजल से वंचित रखा गया है। इस पर मंत्री सीआर पाटिल ने अधिकारियों को अलग से प्लान बनाकर भेजने के निर्देश दिए।