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आगराः शीतगृह में जमा आलू के लाखों पैकेट, निकासी को बचे चार दिन, किसान बोले- जबरदस्ती की तो करेंगे आंदोलन

Wed, 28 Oct 2020 08:32 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • 4.50 करोड़ पैकेट आलू के हुए थे जमा
  • 01 करोड़ पैकेट थे जमा बीते साल अब तक
  • 276: शीतगृह हैं जिले में 
  • 72: हजार हेक्टेयर में हुई आलू की खेती
  • 70: लाख पैकेट अभी आलू के हैं जमा 
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आलू
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विस्तार
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अक्तूबर तक आलू निकासी के निर्देश ने किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। अभी शीतगृह में आलू के 70 लाख पैकेट जमा हैं और निकासी के लिए केवल चार दिन ही बचे हैं। किसानों ने चेेतावनी दी है कि जबरन आलू निकासी की तो आंदोलन किया जाएगा।  इस साल 72 हजार हेक्टेयर में आलू की बुवाई हुई। इसमें से 50-50 किलो के 4.50 करोड़ पैकेट शीतगृह में जमा हुए। आलू महंगा होने के कारण किस्तों में आलू की बिक्री की है।
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अभी भी 276 शीतगृह में 15 प्रतिशत से अधिक आलू हैं। 31 अक्तूबर 70 लाख पैकेट निकालना संभव नहीं दिख रहा। किसान इसे नवंबर तक बढ़ाने के लिए लगातार मांग भी कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने कहा कि 30 नवंबर तक आलू निकासी की छूट दी जाए, नहीं तो प्रदर्शन करेंगे। आगरा शीतगृह ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदर्शन सिंघल ने कहा कि अभी 70 लाख पैकेट हैं, चार दिन में आलू की निकासी के लिए किसानों से कहा है। 

बीते साल एक करोड़ पैकेट जमा थे आलू के
पिछली बार अक्तूबर में शीतगृह में आलू के एक करोड पैकेट जमा थे। इस बार आलू का भाव बीते साल के मुकाबले ढाई गुना होने के कारण ज्यादा निकासी हुई है। एक वजह यह भी थी कि पिछले साल किसान नवंबर तक आलू की निकासी कर सकते थे।
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आलू किसान - फोटो : अमर उजाला
जमाखोरी का खतरा, तय अवधि तक आलू निकालें
उप निदेशक उद्यान कौशल कुमार नीरज का कहना है कि भंडारण करने से जमाखोरी का डर है, इससे आमजन को महंगा आलू मिल रहा है। किसानों से अपील है कि आलू निकासी कर बिक्री कर सकते हैं। 

आलू निकाले तो ट्रैक्टर-ट्राली लेकर करेंगे घेराव
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने कहा है कि शीतगृहों से जबरन आलू निकाले तो इसका अंजाम प्रशासन को भुगतना पड़ेगा। हजारों किसान ट्रेक्टर-ट्रॉली लेकर कलक्ट्रेट का घेराव करेंगे। 

जमाखोरी के नाम पर कर रहे किसानों का शोषण
किसान नेता सत्यवीर चौधरी ने कहा कि जमाखोरी के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। चार दिन में आलू निकासी कैसे संभव है। आलू को शीतगृहों से जबरन निकाला तो किसान धरना प्रदर्शन करेंगे
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