अक्तूबर तक आलू निकासी के निर्देश ने किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। अभी शीतगृह में आलू के 70 लाख पैकेट जमा हैं और निकासी के लिए केवल चार दिन ही बचे हैं। किसानों ने चेेतावनी दी है कि जबरन आलू निकासी की तो आंदोलन किया जाएगा। इस साल 72 हजार हेक्टेयर में आलू की बुवाई हुई। इसमें से 50-50 किलो के 4.50 करोड़ पैकेट शीतगृह में जमा हुए। आलू महंगा होने के कारण किस्तों में आलू की बिक्री की है।
अभी भी 276 शीतगृह में 15 प्रतिशत से अधिक आलू हैं। 31 अक्तूबर 70 लाख पैकेट निकालना संभव नहीं दिख रहा। किसान इसे नवंबर तक बढ़ाने के लिए लगातार मांग भी कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने कहा कि 30 नवंबर तक आलू निकासी की छूट दी जाए, नहीं तो प्रदर्शन करेंगे। आगरा शीतगृह ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदर्शन सिंघल ने कहा कि अभी 70 लाख पैकेट हैं, चार दिन में आलू की निकासी के लिए किसानों से कहा है।
बीते साल एक करोड़ पैकेट जमा थे आलू के
पिछली बार अक्तूबर में शीतगृह में आलू के एक करोड पैकेट जमा थे। इस बार आलू का भाव बीते साल के मुकाबले ढाई गुना होने के कारण ज्यादा निकासी हुई है। एक वजह यह भी थी कि पिछले साल किसान नवंबर तक आलू की निकासी कर सकते थे।