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दस दिन में दस लाख के आरक्षण रद्द

Thu, 05 Jan 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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रेल - फोटो : अमर उजाला
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कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। 24 से 48 घंटे तक की देरी से चल रही ट्रेनों में सफर करने से यात्री भी कतरा रहे हैं। रिजर्वेशन कैंसल कराने वालों की तादाद बढ़ गई है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में आगरा कैंट स्टेशन से ही 10 लाख रुपये से अधिक धनराशि के रिजर्वेशन रद्द कराए गए।
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कोहरे की मार के आगे रेल प्रशासन के इंतजाम नाकाफी रहे। देश की सबसे तेज चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस भी निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा कैंट तक पहुंचने में 90 मिनट के स्थान पर ढाई से तीन घंटे का समय ले रही है। लंबी दूरी की अधिकांश गाड़ियां एक से दो दिन तक की देरी से गंतव्य पर पहुंच रही हैं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि रिजर्वेशन कैंसल कराने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है। इससे रेलवे को भी राजस्व की क्षति हो रही है। आगरा कैंट स्टेशन से 21 दिसंबर से 31 दिसंबर तक 2679 लोगों ने 10,24,639 लाख रुपये के रिजर्वेशन कैंसल कराए।

आज रद्द रहेगी लखनऊ इंटरसिटी
छह जनवरी को (12180) आगरा कैंट-लखनऊ इंटरसिटी रद्द रहेगी। गुरुवार को गतिमान एक्सप्रेस 1.18 घंटे, कैंट स्टेशन पर बुधवार की शाम साढ़े पांच बजे आने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस सुबह 8.25 पर आई। इसी तरह छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस नौ घंटे, पटना कोटा एक्सप्रेस दस घंटे, जीटी एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, सचखंड, झेलम एक्सप्रेस गाड़ियां भी घंटों की देरी से चल रही हैं।
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ट्रेनों के स्कवैड जुटाना भी मुश्किल
आगरा। कोहरे के कारण देरी से चल रही ट्रेनों में चलने वाले जीआरपी और आरपीएफ के स्कवैड में लगे पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें गाड़ी के ज्यादा लेट होने पर उसी स्टेशन पर दूसरी गाड़ी में ड्यूटी के लिए इंतजार करना होता है। दूसरी गाड़ी के लिए या तो वे इंतजार करते हैं या दोबारा आमद कराने के बाद स्कवैड ड्यूटी में जाना होता है। आगरा कैंट स्टेशन से सात गाड़ियों में स्कवैड चल रहे हैं, जबकि आगरा फोर्ट स्टेशन से आठ गाड़ियों में स्कवैड जाता है। आगरा फोर्ट थाने में 54 पुलिसकर्मी हैं, ऐसे में स्वकैड भेजने में दिक्कत आ रही हैं। कैंट पर 34 पुलिसकर्मी स्कवैड ड्यूटी में लगे हैं। आरपीएफ के स्वकैड कर्मियों के साथ ही यही दिक्कत है।

लोको पायलट मोबाइल
का प्रयोग नहीं करें
कानपुर में हुई रेल दुर्घटनाओं के बाद संरक्षा और सुरक्षा पर खास निगरानी की जा रही है। कोहरे में ट्रेनों के लोको पायलट को निर्देशित किया गया है कि वे ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग करने से परहेज करें। केवल आवश्यकता होने पर ही इसे प्रयोग करें।
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