आगरा। बाजार भाव से 775 रुपये अधिक समर्थन मूल्य होने कारण बाजरा खरीद में धांधली के आरोप लग रहे हैं। केंद्रों पर दलाल सक्रिय हैं। रजिस्ट्रेशन से लेकर किसानों के सत्यापन तक में गड़बड़ियां हैं। किसानों का आरोप है कि भरतपुर व अन्य क्षेत्रों से सस्ता बाजरा खरीदकर फर्जीवाड़ा कर केंद्रों पर बेचा जा रहा है। टोकन दिए जाने के एक माह बाद भी किसानों की फसल नहीं तौली जा रही है।
जिले में करीब दो दर्जन बाजरा केंद्रों पर 21 हजार टन खरीद का लक्ष्य है। 31 दिसंबर तक खरीद होनी है। जैतपुर कलां, खेरागढ़, फतेहपुर सीकरी व सैंया में खरीद केंद्रों पर अनियमितताओं के आरोप हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें टोकन मिले 15 से 20 दिन हो गए लेकिन उनका बाजरा नहीं तौला गया। दलालों की शह पर फर्जी किसानों व व्यापारियों से खरीद हो रही है।
आरोप है कि इस खेल में केंद्र प्रभारियों व जिला विपणन अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध है। फतेहपुर सीकरी में नगला दधीराम निवासी किसान गीतम और पुरुषोत्तम का कहना है कि टोकन मिले एक महीना हो गया। अब तक बाजरा नहीं तौला गया। दोनों भाइयों के पास करीब 60 क्विंटल बाजरा है। अनाज मंडी में बाजरा का भाव 2,000 रुपये क्विंटल है। खरीद केंद्रों पर सरकार 2,775 रुपये क्विंटल भाव दे रही है।
बेमौसम बारिश से कम हुई फसल
जिला किसान सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य वीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार बेमौसम बारिश के कारण बाजरा की फसल तबाह हो गई। बड़े पैमाने पर फसल को नुकसान हुआ। किसानों को सरकार से मुआवजा भी मिला। बिक्री के लिए किसानों के पास थोड़ा बाजरा ही बचा है। वह भी बेचने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
13 हजार टन हुई खरीद
- खाद्य एवं रसद विभाग के संभागीय अधिकारी राजेश उपाध्याय का कहना है कि मंडल में आगरा को छोड़कर कहीं शिकायतें नहीं आई हैं। मंडल में 58 हजार, आगरा में 21 हजार टन खरीद का लक्ष्य है। आगरा में करीब 13 हजार टन की खरीद हो चुकी है। खरीद केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायतों की जांच कराई जा रही है। रजिस्ट्रेशन, खसरा-खतौनी व खरीद सूची से किसानों का सत्यापन भी कराया जाएगा।
करा रहे जांचबाजरा खरीद केंद्रों पर राजस्व टीम से जांच कराई जा रही है। किसानों का सत्यापन होगा। गड़बड़ी मिली तो केंद्र प्रभारी व जिला विपणन प्रभारी जिम्मेदार होंगे। सभी को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - अरविंद एम बंगारी, जिलाधिकारी